Gangster DK Rao Extortion case Updates
नेटवर्क महानगर/मुंबई
मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने कुख्यात गैंगस्टर डीके राव को गिरफ्तार कर लिया है। डीके राव अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन का बेहद करीबी माना जाता है। शुक्रवार, (10 अक्टूबर) को हुई यह कार्रवाई बिल्डर के कहने पर एक व्यक्ति को अपना पैसा वापस न मांगने के मामले में धमकी देने के मामले में की गई है। शनिवार को गैंगस्टर डीके राव को कोर्ट में पेश किया गया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, चेंबूर के एक बिल्डर ने किसी व्यक्ति से करीब सवा करोड़ रुपये लिए थे, जिन्हें वो वापस नहीं करना चाहता था, और इस विवाद में उसने डीके राव की मदद ली। डीके राव ने कथित तौर पर उस व्यक्ति को धमकी दी, जिससे मामला पुलिस तक पहुंचा।
मुंबई पुलिस को शिकायत मिलने के बाद क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने तुरंत मामले की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि डीके राव ने बिल्डर के साथ मिलकर धमकी और दबाव बनाने का काम किया था। पुलिस ने वसूली और धमकी देने के आरोप में केस दर्ज कर दिया है।
डीके राव का अंडरवर्ल्ड कनेक्शन
डीके राव मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़ा एक चर्चित और पुराना नाम है। उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह कभी दाऊद इब्राहिम के विरोधी गैंग से जुड़ा रहा है। डीके राव पर कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे हैं, जिससे यह गिरफ्तारी और अधिक महत्वपूर्ण बन गई है।
डीके राव, अनिल सिंह, मिमित भूटा और अन्य के खिलाफ बीएनएस की धारा 308(4), 61(2) और 3(5) के तहत डीसीबी सीआईडी सीआर संख्या 596/2025 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह मामला एक शिकायत से संबंधित है जिसमें आरोप लगाया गया है कि डीके राव ने अपने सहयोगी डेवलपर अनिल पारेराव और अन्य के साथ मिलकर शिकायतकर्ता को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी, जब शिकायतकर्ता ने आरोपी मिमित भूटा के साथ निवेश किए गए ₹1.25 करोड़ वापस मांगे। डीके राव के साथ अनिल सिंह और मिमित भूटा को भी गिरफ्तार किया गया है।
क्राइम ब्रांच की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस वसूली के पीछे और कौन लोग शामिल थे और क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था? अधिकारियों का मानना है कि यह गिरफ्तारी अंडरवर्ल्ड से जुड़े अन्य संगठनों पर भी पड़ सकता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही इस केस से जुड़े और तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे।
