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कानपुर में दर्दनाक हादसा: गए थे बच्चे का ‘मुंडन’ कराने; करना पड़ा 27 लोगों का अंतिम संस्कार!

चंद्रिका देवी के दर्शन कर लौट रहे 27 लोगों की मौत; ट्रैक्टर-ट्रॉली तालाब में पलटने से हुआ हादसा! मृतकों में 14 बच्चे और 13 महिलाएं शामिल…

कानपुर,(राजेश जायसवाल): कानपुर में घाटमपुर क्षेत्र के भीतरगांव में शनिवार रात हुए हादसे से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश में हड़कंप मच गया है। गंभीरपुर के भदेउना गांव के पास हुए इस हादसे में खबर लिखे जाने तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में 13 महिलाएं और 14 बच्चे शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर ट्रॉली में करीब 50 लोग सवार थे। हादसे में घायल हुए लोगों को भीतरगांव सीएचसी में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। गंभीर घायलों को कानपुर के हैलट हॉस्पिटल रेफर किया गया है। माना जा रहा कि मरने वालों की संख्या में अभी इजाफा हो सकता है।
घाटमपुर हादसे ने सभी को दहला कर रख दिया है। पानी से भरी खंती से जब ट्रॉलियों को हटाया गया तो गड्ढे में सिर्फ लाशें ही दिखाई दे रही थी। खंती में फंसे लोगों को बचाने की गुहार लगाते हुए परिजन लगातार बिलख रहे थे। स्थानीय लोगों ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर पानी से भरी खंती में प्रवेश किया, तो पांव में लाशें लगी तो वे सिहर गए। ग्रामीण बिलखते हुए कांपते हाथों से एक-एक कर शवों को खंती से बाहर निकाल रहे थे, जिसमें कई मासूम बच्चे भी शामिल थे। बच्चों के शव निकाल रहे लोगों की आंखों से आंसू नहीं रुक रहे थे। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। घाटमपुर के कोरथा गांव में मातम पसरा हुआ है और अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने से पहले काफी भीड़ जुट गई है। हादसे में मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार के लिए महाराजपुर के ड्योढ़ी घाट पर व्यवस्था की गई है। हादसे में मृत 14 नाबालिगों के शवों का अंतिम संस्कार भी ड्योढ़ी घाट पर गंगा किनारे जमीन में किया जाएगा।

मृतकों के अंत‍िम संस्‍कार की तैयारी करते स्थानिक रहिवासी
मृतकों के अंत‍िम संस्‍कार की तैयारी करते स्थानिक रहिवासी!

इतने भीषण हादसे के बाद राहत कार्य में SDRF को भी उतारा गया है। SDRF ने देर रात करीब 3 बजे तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखा। वहीं ट्रैक्टर चला रहा राजू निषाद हादसे के बाद से फरार है। उसकी तलाश के लिए टीमों को गठन किया गया है। गौरतलब है कि राजू ही अपने बेटे का मुंडन संस्कार कराने के लिए सभी को उन्नाव के फत्तेपुर स्थित चंद्रिका देवी मंदिर लेकर गया था। ये सभी लोग चंद्रिका देवी मंदिर में मुंडन कार्यक्रम में शामिल होने गए थे, कार्यक्रम के बाद वापस अपने गांव कोरथा लौटते समय घाटमपुर के साढ़ और भीतरगांव गांव के बीच सड़क किनारे एक तालाब में इनकी ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में अब तक 27 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

घटना में जिन लोगों ने अपनों को खोया है...रो-रोकर हुआ बुरा हाल
घटना में जिन लोगों ने अपनों को खोया है…रो-रोकर हुआ बुरा हाल

हादसे में तीन परिवार पूरी तरह तबाह
खंती से जब एक-एक कर लोगों को निकाला जा रहा था तो किसी तरह जान बचाने की भी कोशिश की जा रही थी। कुछ लोग डूबे हुए लोगों को मुंह से सांस देने की कोशिश कर रहे थे तो कोई छाती दबा-दबा कर पानी निकालने का प्रयास कर रहा था।
इस दर्दनाक हादसे में गांव के 3 परिवार तो पूरी तरह से तबाह हो गए। कोरथा गांव निवासी कल्लू की पत्नी विनीता अपने दो बच्चों शिवम और सानवी के साथ मुंडन कार्यक्रम में शामिल होने गई थी, वहीं लीलावती बेटी मनीषा और बेटे छोटू के साथ गई थी। जयदेवी अपने बेटे रवि के साथ मुंडन कार्यक्रम में गई थीं। हादसे में इन सभी लोगों की मौत हो गई है। उनके परिवार में केवल विनीता, लीलावती और जयदेवी के पति ही बचे हैं। किसी को यकीन ही नहीं हो रहा है कि इस तरह पूरा परिवार बर्बाद हो गया।

क्या सड़क के गड्ढे ने निगल ली इतनी जिंदगियां?
घटना के बाद अब लोगों के मन में एक सवाल उठ रहा है कि आखिर इतना बड़ा हादसा कैसे हो गया? मौके पर मौजूद लोगों ने जो वजह बताई वो भी हैरान करने वाली है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रात के समय सामने से आई एक कार की हेड लाइट की रोशनी में ट्रैक्टर चालक की आंखे चौंधिया गईं। इसके बाद अचानक सामने से एक बाइक भी आ गई। इतने में ट्रैक्टर का पहिया बीच रास्ते में मिट्‌टी के गड्ढे में चला गया और जिससे अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर ट्राली समेत तालाब में पलट गया। ट्रॉली के नीचे सवार महिलाएं और बच्चे दब गए।
आगे उन्होंने बताया कि डेढ़ साल पहले साढ़ से घाटमपुर मार्ग निर्माण के दौरान खोदी गई थी। बारिश के बाद सड़क किनारे की मिट्टी कटान होने से 5 से 6 फीट गहरी खाई बन गई थी। बारिश के दौरान इस खाई में पानी भर गया, जिससे उसकी गहराई पता नहीं चलती है, इसी वजह से भी ये हादसा होने की आशंका जताई जा है।

क्या ‘ड्र‍िंक एंड ड्राइव’ ने छीन ली 27 जिंदगियां?
रविवार की सुबह होते गांव में मृतकों की लाश पहुंचने का सिलसिला शुरू होते ही लोगों का गुस्सा अनियंत्रित हो गया। कुछ लोग हादसे की वजह शराब पीकर गाड़ी चलाना और तेज रफ्तार बता रहे हैं।
शनिवार को कोरथा गांव के रहने वाले राजू निषाद के एक साल के बेटे का मुंडन संस्कार था। राजू अपने बच्चे का मुंडन कराने रिश्तेदारों संग चंद्रिका देवी मंदिर गया था। राजू ही ट्रैक्टर चला रहा था। राजू ने खुशी में उन्नाव में मंदिर जाने के दौरान शराब पी थी। फिर लौटते समय भी उसने दोबारा से शराब पी ली। मना करने के बाद भी वह ट्रैक्टर चलाता रहा। गांव के लोगों का कहना था कि राजू ने चाय-नाश्ता करने के बहाने ट्रैक्टर-ट्राली रोकी थी। वहां उसने शराब पी। अगर ऐसा उसने न किया होता तो यह हादसा ही नहीं होता।

ट्राली पलटने से हुई 27 लोगों की मौत!
कानपुर शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर साढ़ थाना क्षेत्र के साढ़-भितरगांव मार्ग पर ट्राली पलट जाने से 27 लोगों की जानें चली गई। तीन परिवार के लोग मुंडन कराकर खुशी-खुशी घर लौट रहे थे तभी ये भयावह हादसा हो गया था। पानी से भरी खाई से ट्राली को निकाला तो सिर्फ लाशें पड़ी थीं।
घटना के बाद फौरन मौके पर न पहुंचने और लापरवाही बरतने पर एडीजी भानु भाष्कर ने साढ़ थाना प्रभारी आनंद कुमार पांडेय समेत चार PRV जवानों को निलंबित कर दिया है। हादसे के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताया है। योगी ने अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत कार्य के निर्देश दिए और मृतकों के स्वजन को दो-दो लाख और घायलों को 50 हजार की सहायता की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी ‘राष्ट्रीय राहत कोष’ से दिवंगतों के स्वजन को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये आर्थिक मदद की घोषणा की है।
मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे के बाद तत्काल कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, आईटी मिनिस्टर अजीत पाल को मौके पर भेजा। मंत्री राकेश सचान ने मौके पर घायलों का हाल जाना। मामले में कमिश्नर डॉ. राज शेखर ने बताया कि हादसे की समीक्षा की जाएगी। अगर कोई प्रशासनिक लापरवाही सामने आएगी तो कड़ी कार्रवाई होगी। सीएम योगी ने प्रदेशवास‍ियों से अपील भी की है क‍ि वे सवार‍ियां ढोनें के ल‍िए ट्रैक्टर ट्राली प्रयोग न करें…जीवन अमूल्य है कृपया लापरवाही न करें।

मृतकों के नाम-
शिवम पुत्र कल्लू (4)
जानकी पुत्री कल्लू (5)
मिथिलेश पत्नी सफीक (50)
केशकली पति देशराज (40)
पलक पुत्री राम आधार (4)
अंजली पुत्री रामसजीवन (13)
किरन पुत्री शिवनायक (15)
खुशी पुत्री पुन्तीलाल
मनीषा पुत्री रामदुलारे (17)
अनिता देवी पति बीरेंद्र सिंह (35)
रामजानकी पत्नी छिद्दू (60)
कलावती पत्नी रामदुलारे (50)
विनीता पत्नी कल्लू (36)
तारा देवी पत्नी केवट (50)
रवि पुत्र शिवराम (10)
छोटू पुत्र राम दुलारे (12)
गीता सिंह पति शंकर सिंह ( 50)
मायावती पत्नी राम बाबू (50)
उषा पत्नी बृजलाल सिंह ( 45)
शिवानी पुत्री राम खेलावन (12)
रानी पत्नी राम शंकर ( 50)
सुनीता पुत्री रंपत निषाद (15)
पार्वती पत्नी सियाराम (65)
बिंदिया पुत्री राजू (3)
प्रीति पुत्री राजाराम (18)
सोनिका पुत्री राजाराम (18)
अभी पुत्र राजू (7)

हादसे की सूचना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानपुर के हैलेट में इलाज के लिए भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। वहीं सीएमओ ने बताया कि मरीजों में कोई गंभीर नहीं है। मरीजों से मिलने के बाद सीएम योगी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि NHAI और PWD विभाग के अफसरों को ब्लैक स्पॉट को खत्म करने के लिए कहा गया है। बता दें कि मरने वालों के घरवालों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही आगे ऐसा कोई हादसा न हो, इसके लिए अवेयरनेस कैंप भी चलाए जाएंगे।