Pratap Baburao Sarnaik
नेटवर्क महानगर/मुंबई
मुंबई और ठाणे के लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दहिसर से भायंदर के बीच बनने वाले 60 मीटर चौड़े हाइवे के लिए सबसे बड़ी अड़चन अब दूर हो गई है। केंद्र सरकार ने अपनी 53.17 एकड़ जमीन राज्य सरकार के जरिये मीरा-भायंदर नगर निगम (एमबीएमसी) को ट्रांसफर करने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद नरीमन पॉइंट से मीरा-भायंदर तक का सफर कोस्टल रोड के जरिए सिर्फ आधे घंटे में पूरा करना संभव होगा। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि यह परियोजना अगले तीन सालों में पूरी होगी।
मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि पिछले 4-5 सालों से लगातार प्रयासों के बाद जमीन हस्तांतरण को मंजूरी मिल पाई है। इसके साथ ही दहिसर से भयंदर और आगे वसई-विरार तक सड़क निर्माण का रास्ता खुल गया है। मुंबई महानगरपालिका (BMC) की ओर से इस परियोजना पर करीब 3 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और काम एल एंड टी कंपनी को पहले ही सौंपा जा चुका है।
बीएमसी ने कोस्टल रोड को उत्तन तक बनाने की योजना बनाई है। जहां से दहिसर से भायंदर के बीच नया 60 मीटर चौड़ा हाईवे सीधे मीरा रोड के सुभाष चंद्र बोस मैदान तक बनेगा और वहां से वसई-विरार को जोड़ेगा। बताया जा रहा है कि कोस्टल रोड का उत्तन से विरार की ओर समुद्र किनारे से ले जाने का प्रस्ताव था, जिसका स्थानीय मछुआरों (कोली समुदाय) ने भारी विरोध किया। जिसके चलते सरकार ने यह योजना बनाई। इसलिए अब यह मार्ग उत्तन से दहिसर और वहां से मीरा-भायंदर होते हुए वसई-विरार की ओर जमीन के रास्ते से जाएगा।
मंत्री सरनाईक ने भरोसा जताया कि इस नए मार्ग से मीरा-भायंदर मुंबई से और अधिक जुड़ जाएगा और भविष्य में यह क्षेत्र मुंबई का अहम उपनगर बनकर उभरेगा।
