Uddhav Thackeray
नेटवर्क महानगर/मुंबई
सुप्रीम कोर्ट द्वारा महाराष्ट्र में लोकल बॉडी इलेक्शन के लिए डेडलाइन तय करने के बाद राजनीति गरमाने लगी हैं। राज्य सरकार और चुनाव आयोग को 31 जनवरी, 2026 से पहले चुनाव संपन्न कराने होंगे। राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों में मुंबई बीएमसी चुनावों के बेहद हाईप्रोफाइल होने की उम्मीद है। चुनावों की सरगर्मी के बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बागियों की घर वापसी के लिए कड़ी शर्तें रख दी है। उद्धव ठाकरे ने बागियों को एंट्री को हरी झंडी दे दी है लेकिन वापस आने वालों को टिकट नहीं देने का ऐलान किया है। उद्धव ठाकरे की यह रणनीति ऐसे वक्त पर सामने आई है। जब कुछ दिनों से यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि एकनाथ शिंदे के साथ गए 15 पूर्व नगरसेवक घर वापसी करना चाहते हैं।
पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे एवं शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने बुधवार को शिवसेना भवन में आयोजित एक बैठक में अपनी पार्टी के शाखा प्रमुखों एवं पूर्व नगरसेवकों के साथ चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अपनी पार्टी के बागी नेताओं की घर वापसी के लिए कड़ी शर्त सामने रखी। उद्धव ने कहा कि अतीत में पार्टी छोड़ कर गए नेताओं पूर्व नगरसेवकों को पार्टी में एंट्री तो मिलेगी, लेकिन चुनाव में टिकट नहीं मिलेगा। उद्धव ठाकरे के मुंबई में सत्ता बचाने के लिए मनसे चीफ राज ठाकरे के साथ चुनावों में उतरने की पूरी उम्मीद है। कहा जा रहा है कि दशहरा सम्मेलन में उद्धव और राज ठाकरे गठबंधन का ऐलान कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे लगातार मंथन करके मुंबई गेमप्लान तय कर रहे हैं। तीन दिन पहले मातोश्री में मुंबई के विधायकों, सांसदों और जिले के जिला प्रमुखों की एक बैठक हुई थी।
तब 43 नगरसेवकों ने छोड़ा था उद्धव का साथ!
साल 2022 में जब शिवसेना दो फाड़ हुई थी तब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में विधायकों, सांसदों के साथ नगरसेवकों ने पाला बदल लिया था। तब उद्धव गुट से 43 नगरसेवक शिंदे की शिवसेना में चले गए थे। अब दावा किया जा रहा है कि यूबीटी से शिंदे गुट में गए पूर्व नगरसेवकों में से 15 वापस यूबीटी में लौटना चाहते हैं। ये सभी घर वापसी के इच्छुक हैं। उद्धव ने अपने नेताओं से कहा है कि जो हमारे साथ आने चाहते हैं उन्हें शत-प्रतिशत साथ दें। सूत्रों का दावा है कि अपने नेताओं के निवेदन के बाद उद्धव ने बागी नेताओं की घर वापसी को बड़ी शर्त के साथ हरी झंडी दिखाई है, हालांकि, शिंदे गुट की तरफ से इसका खंडन किया जा रहा है कि 15 पूर्व नगरसेवक वापस जाना चाहते हैं।
गौरतलब है कि मुंबई महानगरपालिका में कुल 227 वार्ड हैं। मुंबई मनपा पर कब्जा करने के लिए बीजेपी जहां हुंकार भर रही है, वहीं उद्धव ठाकरे अपने भाई राज ठाकरे के साथ हाथ मिलकर चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर दोनों भाई एक साथ आते हैं, तो मुंबई समेत कुछ अन्य नगर निगमों में समीकरण बदल सकते हैं। इस बीच एक बड़ा अपडेट सामने आया है, जिसमें दावा किया गया है कि दोनों भाइयों की पार्टियों के बीच 60-40 का फॉर्मूला बन सकता है। बीएमसी की 227 सीटों में से शिवसेना (यूबीटी) 147 और मनसे 80 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है।
