Maharashtra minister Chandrakant Patil
कोल्हापुर: हिंदुत्व के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे को एक हो जाना चाहिए। भाजपा नेता चंद्रकांत पाटिल ने बयान दिया था कि अगर मुझे आदेश मिलता है तो मैं दोनों को साथ लाने की पहल करूंगा। उनके इस बयान से एक बार फिर शिवसेना के दो गुटों के पास आने की चर्चा तेज हो गई और साथ ही शिवसेना और बीजेपी में एक बार फिर गठबंधन होने की संभावनाओं के कयास लगने शुरू हो गए।
शिंदे गुट की ओर से स्कूली शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। सीएम शिंदे के समर्थक शिवसेना प्रवक्ता दीपक केसरकर ने इस मुद्दे पर कहा कि वो ऐसा करके देख लें, बड़े लोगों के बीच में मैं कुछ ज्यादा कहना नहीं चाहता। मोदी के कहने पर भी ठाकरे साथ नहीं आए। उनको दिए अपने वादे से मुकर गए। मैं खुद इसका गवाह हूं। अब एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बनकर महाराष्ट्र को सुशासन दे रहे हैं। उद्धव ठाकरे भी यही चाहते थे कि शिंदे मुख्यमंत्री बनें। शरद पवार के कहने पर उन्हें मुख्यमंत्री बनना पड़ा। फिर अब क्या दिक्कत है? आज उनके मन के मुताबिक, मुख्यमंत्री महाराष्ट्र में हैं। उनके पास उसके बारे में बुरा महसूस करने की कोई वजह नहीं होनी चाहिए।
इस मुद्दे पर एक बार फिर बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और उच्च व तंत्रशिक्षण, वस्त्रोद्योग और संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटील ने एक न्यूज चैनल को दिए गए अपने साक्षात्कार में कहा कि राजनीति में जिस लचीलेपन की जरूरत होती है, वो उद्धव ठाकरे में है, ऐसा मुझे लगता नहीं। राजनीति में दरवाजे हमेशा के लिए बंद नहीं किए जाते। हमें कोई लाचारी नहीं है कि उद्धव ठाकरे बीजेपी के साथ आएं। हिंदुत्व के लिए हमने मांग की थी कि वे साथ आएं तो अच्छा हो। वे हमारे नेता देवेंद्र फडणवीस पर दिए गए अपने बयान के लिए माफी मांगें, हमारे नेता बड़े दिल से उन्हें माफ कर देंगे।
वरिष्ठ भाजपा नेता पाटील ने यह भी कहा कि शरद पवार ने कई राजनेताओं का करियर ध्वस्त किया है। माफी की बात को लेकर दीपक केसरकर ने भी दोहराया कि उन्हें पूरा विश्वास है कि अगर उद्धव ठाकरे बीजेपी के साथ की गई अपनी वादाखिलाफी के लिए माफी मांग लें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बड़े दिल से उन्हें माफ कर देंगे।
