नेटवर्क महानगर/मुंबई
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) पक्ष प्रमुख शरद पवार को शनिवार, 7 नवंबर को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से डिस्चार्ज मिल गया है। वरिष्ठ एनसीपी नेता शरद पवार (85) यहां पिछले तीन दिनों से इलाज करा रहे थे। अब वो अस्पताल के पास स्थित अपने घर ‘सिल्वर ओक’ लौट आए हैं। फिलहाल, अब घर पर ही उनका इलाज जारी रहेगा। उनका इलाज कर रहे डॉक्टर, डॉ. प्रतीत समदानी ने बताया कि शरद पवार को ब्रीच कैंडी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। उन्हें ब्रोंकाइटिस, छाती में संक्रमण और खांसी की समस्या थी। अब उनकी हालत स्थिर है और घर पर ही उनका इलाज जारी रहेगा।
हालांकि, शरद पवार के अस्पताल में भर्ती होने के बाद से राजनीतिक सरगर्मियां काफी बढ़ गई है और एनसीपी के दोनों गुटों के फिर से एक होने की संभावना को लेकर नई अटकलें शुरू हो गई हैं। दरअसल, एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने गुरुवार, 5 नवंबर की रात ब्रीच कैंडी अस्पताल पहुंचकर शरद पवार से मुलाकात की और उनका हालचाल लिया। इस दौरान शरद पवार से बंद कमरे में हुई उनकी बातचीत का वीडियो सामने आया तो राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया। शरद पवार ने अस्पताल में प्रफुल्ल पटेल से कहा कि हम दिवाली के बाद यानी 10 तारीख के बाद साथ बैठकर बात करेंगे। शरद पवार के इस एक लाइन के बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में तूफान ला दिया है। इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी के दोनों धड़ों के बीच संभावित सुलह या भविष्य की राजनीतिक रणनीति को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अजित पवार की एनसीपी अनिश्चित राजनीतिक दौर से गुजर रही है। पार्टी के भीतर असंतोष की खबरों ने सामूहिक नेतृत्व, आंतरिक निर्णय लेने की प्रक्रिया और पार्थ पवार के बढ़ते प्रभाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, एनसीपी ने किसी भी तरह के आंतरिक मतभेद से इनकार किया है। एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार के बेटे पार्थ पवार की कार्यशैली यानी पार्टी चलाने के तरीके से खुश नहीं है। उन्होंनें इससे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अवगत भी कराया है। एनसीपी मुखिया सुनेत्रा पवार राज्य की डिप्टी सीएम हैं और पार्थ पवार एनसीपी महासचिव और राज्यसभा के सांसद। वहीं, शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार दावा कर रहे हैं कि बीजेपी भाई-भाई को लड़ा सकती है यानी वह अजित पवार के बेटों पार्थ और जय के बीच अनबन की तरफ इशारा कर रहे हैं। पार्थ पवार और सुनेत्रा पवार पहले विलय के पक्षधर थे तब प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ऐसा नहीं चाहते थे। और अब स्थिति बदल गई है, प्रफुल्ल पटेल विलय चाहते हैं तो सुनेत्रा और पार्थ इसके खिलाफ है।
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने दावा किया है कि शरद पवार उम्र के इस पड़ाव पर कभी भी बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे। दोनों एनसीपी का अगर विलय हुआ तो पवार एनडीए में आ जाएंगे। शरद पवार के साथ आने से एनडीए को आठ सांसदों को समर्थन मिल जाएगा और एनडीए की ताकत बढ़ जाएगी। दावा किया जा रहा है कि ऐसी स्थिति में शरद पवार की सांसद बेटी सुप्रिया सुले केंद्र में कृषि मंत्री बन जाएंगी। वर्तमान में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान हैं। उन्होंने 11 जून 2024 को इस पद का कार्यभार संभाला था।

एनसीपी सूत्रों की मानें तो शरद पवार ने ही एनसीपी (अजित गुट) के प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे से दोनों एनसीपी के विलय की इच्छा जताई है। शरद पवार से मिलने के बाद सुनील तटकरे ने यह कहकर महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है कि यदि अजित दादा ज़िंदा होते तो दोनों एनसीपी का मर्जर 12 फरवरी को ही पूरा हो गया होता। प्रफुल्ल पटेल के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में शरद पवार से मिलने के कुछ ही घंटों बाद तटकरे के इस दावे ने पॉलिटिकल गलियारों में यह अटकलबाजी लगने लगी है कि दोनों एनसीपी का जल्द विलय हो सकता है।
सुनील तटकरे ने बताया कि विलय की स्क्रिप्ट टाइम पर तैयार नहीं हुई थी, बल्कि अजित पवार ने खुद इसका पूरा खाका खींचा था। दादा की इच्छा के कारण 12 फरवरी की तारीख भी तय की गई थी। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि उनकी अचानक मौत के कारण पूरा प्रोसेस अधूरा रह गया। दोनों एनसीपी के विलय की स्क्रिप्ट दिल्ली में लिखी गई थी। छह एनसीपी नेताओं की टीम ने अमित शाह से मुलाकात में प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल ने पार्थ पवार के काम करने के तरीके से नाराजगी जताते हुए वादा किया कि मर्जर पर कोई भी फैसला बीजेपी को भरोसे में लेने के बाद ही लिया जाएगा। इसके बाद ही पुणे में इलाज करा रहे शरद पवार को सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन आया। मोदी ने कहा कि ‘सुप्रिया और मैं’ देश का ध्यान रखेंगे, आप आराम करें और हमें आशीर्वाद दें। यह कहकर मोदी ने एक तरह से संकेत दिया कि बीजेपी शरद पवार गुट को साथ लेने के लिए तैयार है।
