नेटवर्क महानगर/मुंबई
समाजवादी पार्टी (सपा) के महाराष्ट्र अध्यक्ष एवं विधायक अबू आसिम आजमी ने दिल्ली ब्लास्ट पर मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार इस घटना के गुनहगारों को पकड़कर छह महीने के अंदर फांसी पर लटकाए, लेकिन बेगुनाहों को पकड़कर सजा न दे। उन्होंने कहा कि दिल्ली कोई कस्बा नहीं बल्कि देश की राजधानी है। देश की राजधानी में लाल किले के सामने ब्लास्ट होना, ये सुरक्षा में बड़ी चूक है! यह पूरी तरह से इंटेलिजेंस फेलियर है।
आजमी ने कहा कि इस घटना में जिनकी जानें गईं उनके परिवार के प्रति हमारी पूरी सहानुभूति है। जिन लोगों ने भी इस घटना को अंजाम दिया है उन्हें 6 महीने के अंदर फांसी पर लटकाना चाहिए, लेकिन बेगुनाहों को सजा नहीं मिलनी चाहिए। अबू आजमी ने कहा कि जिस तरह से मुंबई ट्रेन ब्लास्ट में 187 लोग मारे गए लेकिन आज तक किसी को सजा नहीं मिली। बेगुनाहों को पकड़कर जेल में डाला गया। वे 19 साल तक जेल में रहे, लेकिन हाईकोर्ट ने कहा कि इनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं।
मुंबई ब्लास्ट में मुझे भी जेल भेजा गया था: आजमी
अबू आजमी आगे कहा कि ऐसा देश में नहीं होना चाहिए। अपनी नाकामी को छिपाकर किसी निर्दोष को सजा देना, यह बहुत बड़ी नाइंसाफी और नाकामयाबी है। उन्होंने कहा कि मुझे भी मुंबई बम धमाका मामले में पकड़ा गया था। मैं एक साल तक जेल में रहा। वो तो गनीमत रही कि मेरे पास पैसे थे। मेरे घरवालों ने मेहनत की, सुप्रीम कोर्ट गए, देश के सबसे बड़े वकीलों को खड़ा किया। तब भी मेरी बेगुनाही साबित होने में एक साल लगे। अबू आजमी ने कहा कि मुंबई ब्लास्ट मामले में बिना किसी आधऱ के मुझे पकड़ा था। इसी तरह से 12 लोग 19 साल तक जेलों में रहे। कोर्ट में वे बेगुनाह साबित हुए और उन्हें छोड़ना पड़ा।
फरीदाबाद मॉड्यूल पर आजमी ने कही ये बड़ी बात?
वहीं, आतंकियों के फरीदाबाद मॉड्यूल के बारे में आजमी ने कहा कि बहुत अफ़सोस की बात है की पढ़े लिखे लोग आतंकवाद का हिस्सा पाए जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जुल्म और नाइंसाफी की कोख से आतंकवाद पैदा होता है। इसीलिए जुल्म खत्म होना चाहिए, आतंकवाद खत्म होना चाहिए।
चुनाव से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं इस पर सवाल नहीं उठाना चाहता, लेकिन इसकी भी तहकीकात होनी चाहिए कि चुनाव के वक्त ही ऐसे ब्लास्ट क्यों होते हैं?
