नेटवर्क महानगर/मुंबई
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में ड्रग्स के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए गुजरात के फरार तस्कर आरिफ, उसकी पत्नी नसरीन और उसके एक सहयोगी रिजवान अहमद को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, गुजरात पुलिस के एक फरार और कुख्यात ड्रग तस्कर ने मुंबई में बेहद साधारण ठिकाने से करोड़ों रुपये का सिंथेटिक ड्रग्स रैकेट खड़ा कर लिया था। मुख्य आरोपी मोहम्मद आरिफ मोहम्मद इलियास शेख, जो पहले गुजरात में ड्रग तस्करी के मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है। वर्ष 2023 में पैरोल पर जेल से बाहर आने के बाद फरार हो गया था। वह सूरत की लाजपोर जेल में सजा काट रहा था और तभी से गुजरात पुलिस उसकी तलाश में थी। फरारी के दौरान आरिफ मुंबई आकर सांताक्रूज पूर्व इलाके में अपनी पत्नी नसरीन के साथ रहने लगा। पुलिस से बचने के लिए उसने रहने और अवैध गतिविधियों के लिए अलग-अलग जगहें चुनीं। अंधेरी के सहार रोड स्थित एक चॉल में उसने महज 13 हजार रुपये किराए का कमरा लिया और उसे गुप्त रूप से एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री में बदल दिया। जांच में सामने आया कि इसी छोटे से कमरे से हर महीने करीब 25 से 30 करोड़ रुपये की ड्रग्स तैयार कर अलग-अलग नेटवर्क के जरिए बाजार में सप्लाई की जा रही थी। आरोपी ने चालाकी दिखते हुए अपने इलाके में ड्रग्स की सप्लाई नहीं की, ताकि किसी को शक न हो।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब खार पुलिस की टीम ने गश्त के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा और तलाशी के दौरान उसके पास से 15.44 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई। पूछताछ में उसने अपनी पहचान और पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया। इसके बाद पुलिस ने अंधेरी स्थित कमरे पर छापा मारकर ड्रग्स बनाने के उपकरण और केमिकल्स बरामद कर लिए।
पुलिस को शक है कि आरोपी के साथी रिजवान अहमद ने छापे से पहले कुछ सबूत हटाने की कोशिश की थी, लेकिन उसे बाद में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी की पत्नी नसरीन इस अवैध कारोबार की आर्थिक गतिविधियों को संभाल रही थी। उसके बैंक खाते से 26 लाख रुपये फ्रीज किए गए हैं, जिन्हें ड्रग्स की कमाई माना जा रहा है।
आरिफ के खिलाफ पहले से दर्ज है दर्जनों से अधिक मामले!
पुलिस के मुताबिक, आरिफ के खिलाफ पहले से 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद उसने मुंबई में नया नेटवर्क खड़ा कर बड़े पैमाने पर ड्रग्स का कारोबार शुरू कर दिया। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरिफ को ड्रग्स बनाने के लिए जरूरी रॉ मैटेरियल कहां से मिल रहा था और इस सिंडिकेट में और कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं। फिलहाल, पुलिस इस पूरे गिरोह की सप्लाई चेन और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है। वैसे इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर एक फरार आरोपी इतने लंबे समय तक मुंबई जैसे शहर में रहकर ड्रग्स के कारोबार में इस तरह सक्रिय कैसे रहा।
