नेटवर्क महानगर/मुंबई
महाराष्ट्र विशेष शाखा की आतंकवाद विरोधी शाखा (एटीबी) ने बुधवार, (8 अप्रैल) को मलाड पूर्व के कुरार क्षेत्र में तीन स्थानों पर समन्वित छापेमारी के दौरान हवाला रैकेट का भंडाफोड़ किया है। गुप्त सूचना के आधार पर आतंकवाद-विरोधी शाखा और विशेष शाखा की तीन टीमों ने स्थानीय पुलिस की तीन टीमों के साथ मिलकर दो आवासीय परिसरों और एक कार्यालय पर एक साथ छापेमारी की। इस छापेमारी में मोहम्मद इस्लाम इस्माइल खान उर्फ सलीम रहमतुल्लाह शेख (48) को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने बताया कि उसने जाली पासपोर्ट दस्तावेजों पर सलीम रहमतुल्लाह शेख नाम से भी फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया था। कुरार पुलिस स्टेशन में आरोपी मोहम्मद इस्लाम इस्माइल खान उर्फ सलीम रहमतुल्लाह शेख के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिस पर फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके हवाला नेटवर्क चलाने और संदिग्ध आतंकी फंडिंग सहित अवैध वित्तीय गतिविधियों में कथित रूप से शामिल होने का आरोप है।
मुंबई में तैनात पुलिस हेड कांस्टेबल की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। मुंबई पुलिस की विशेष शाखा को मिली गोपनीय सूचना के अनुसार संदिग्ध ने फर्जी पहचान के तहत फर्जी पासपोर्ट प्राप्त किया था और भारत और कुवैत के बीच अक्सर यात्रा करता था। आरोप है कि वह हवाला लेनदेन और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल था, जिनमें आतंकवाद के लिए संदिग्ध वित्तपोषण भी शामिल है। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने सलीम रहमतुल्लाह शेख के नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाने और उस जाली दस्तावेज़ का उपयोग करके कुवैत की यात्रा करने की बात स्वीकार की। तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने एक फर्जी भारतीय पासपोर्ट, 12,47,650 रुपए नकद और लैपटॉप, टैबलेट और मोबाइल फोन सहित 1.60 लाख रुपए मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए। जब्त की गई संपत्ति का कुल मूल्य लगभग 14,07,650 रुपए आंका गया है। इससे पहले मार्च में पुलिस और आतंकवाद-विरोधी प्रकोष्ठ द्वारा चलाए गए एक संयुक्त अभियान में वाकोला क्षेत्र से दो युगांडा की महिलाओं को वैध दस्तावेजों के बिना भारत में कथित रूप से रहने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। हिरासत में ली गई महिलाओं की पहचान नाकायंडो रोज (37) और केमिगिसा प्रोस्कोविया (26) के रूप में हुई थी। आरोपी के खिलाफ कुरार पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 318(4), 319(2), 336(3), 337, 340(2) और 180 के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा उस पर पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 12(1)(बी) और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999 की धाराओं 3 और 13 के तहत भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस के अनुसार, ये दोनों पिछले कुछ वर्षों से मुंबई के कलिना क्षेत्र में रह रही थीं, लेकिन उनके पास देश में रहने के लिए वैध वीजा या आवश्यक कानूनी दस्तावेज नहीं थे। लंबे समय तक अवैध रूप से रहने के बारे में मिली विशिष्ट सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने इलाके में छापेमारी की। इससे पहले, फरवरी में मुंबई पुलिस ने आतंकवाद विरोधी प्रकोष्ठ (एटीसी) के समन्वय से शहर में रह रहे अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी थी और चल रहे सत्यापन और निर्वासन अभियान के तहत पिछले सप्ताह 30 से अधिक व्यक्तियों को हिरासत में लिया था।
