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नेटवर्क महानगर/मुंबई
एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस की। इसमें उन्होंने उपराष्ट्रपति चुनाव, केंद्र की सत्ता का दुरुपयोग, विपक्षी एकता और चुनाव आयोग की निष्क्रियता जैसे विषयों पर विस्तार से अपनी बातें रखी। पूर्व केंद्रीय मंत्री पवार ने कहा कि देश में उपराष्ट्रपति पद का चुनाव हो रहा है और इस संदर्भ में विपक्षी दलों के बीच कई संभावित नामों पर चर्चा की गई है। इसी बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनसे फोन पर संपर्क किया और अनुरोध किया कि एनडीए उम्मीदवार का समर्थन किया जाए, क्योंकि वो महाराष्ट्र के वर्तमान राज्यपाल हैं। लेकिन मैंने इस प्रस्ताव को स्पष्ट रूप से ठुकरा दिया। उन्होंने आगे कहा कि मैंने फडणवीस जी से साफ कहा कि यह हमारे लिए संभव नहीं है, क्योंकि वे हमारे विचारों से मेल नहीं खाते। शरद पवार ने कहा कि एनडीए की ओर से बी. सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया है वो पूर्व में झारखंड के राज्यपाल भी रह चुके हैं। उस दौरान उन्होंने हेमंत सोरेन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कार्रवाई की थी। उन्होंने इस घटना को सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बताया। शरद पवार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद कहा था कि मुझे बाहर कहीं भी गिरफ्तार करो, घर, दफ्तर, कहीं भी लेकिन उन्हें राजभवन के भीतर ही गिरफ्तार किया गया, जो कि पूरी तरह से एक संवैधानिक संस्थान का राजनीतिक इस्तेमाल था। शरद पवार ने बताया कि इस विषय पर उनकी संजय राउत से चर्चा हुई। राउत ने बताया कि उन्होंने उद्धव ठाकरे से भी बात की है और शिवसेना (यूबीटी) का निर्णय एनसीपी के रुख के अनुरूप ही है। यानी कि एनडीए उम्मीदवार का समर्थन नहीं किया जाएगा।
राहुल गांधी की वोट चोरी के खिलाफ मुहिम
शरद पवार ने विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे ”वोट चोरी” के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर बिहार से शुरुआत की है और उन्हें जनता से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। हम इस आंदोलन को पूरे देश में ले जाएंगे। इस मुहिम का उद्देश्य जनता को चुनाव प्रक्रिया में हो रही गड़बड़ियों और लोकतंत्र को खतरे में डालने वाले तत्वों के प्रति जागरूक करना है। वरिष्ठ एनसीपी नेता पवार ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है लेकिन उसने अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया। इसलिए विपक्ष आयोग के खिलाफ भी आंदोलन करेगा, ताकि लोकतंत्र की रक्षा की जा सके। उन्होंने बिहार के लोगों की राजनीतिक समझ की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें भरोसा है कि बिहार की जनता इस आंदोलन के महत्व को समझेगी और लोकतंत्र की रक्षा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
