नेटवर्क महानगर/धाराशिव
महाराष्ट्र के डीप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने गुरूवार 24 सितंबर को भारी बारिश से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए धाराशिव जिले के भूम तालुका के साडेसांगवी गांव, करंजा गांव के शिंदे व करळे वस्ती में बाढ़ से प्रभावित बस्तियों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों और किसानों से बातचीत कर उनकी कठिनाइयों को समझा और उन्हें तत्काल दीर्घकालिक सहायता प्रदान किये जाने का आश्वासन दिया।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने चांगदेव शिंदे के घर का भी निरीक्षण किया, जो बाढ़ में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। जब निवासियों ने उनसे पुनर्वास की अपील की, तो उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार प्रभावित परिवारों की मदद के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। उपमुख्यमंत्री ने वादा किया कि अस्थायी सहायता तुरंत प्रदान की जाएगी और मुआवज़ा देने के लिए आधिकारिक निरीक्षण (पंचनामा) किए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि सरकार राहत वितरण की शर्तों को आसान बनाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी प्रभावित व्यक्ति सरकारी मदद से वंचित न रह पाए। उन्होंने कहा कि इस संकट का सामूहिक रूप से सामना किया जाना चाहिए और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि राज्य और केंद्र सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि पंचनामा में नुकसान की पूरी जानकारी मिलने के बाद नीतिगत निर्णय लिए जाएंगे।

इस दौरान, उपमुख्यमंत्री शिंदे ने पालकमंत्री प्रताप सरनाईक, सार्वजनिक आरोग्य व कुटुंब कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर और विधायक प्रो. डॉ. तानाजी सावंत के साथ पुलिस पाटिल बालासाहेब चांगदेव शिंदे के क्षतिग्रस्त घर का निरीक्षण किया। बाद में वे एनडीआरएफ की नाव से कार्ले बस्ती पहुंचे, जहां उन्होंने नुकसान का जायजा लिया और वहां के रहिवासियों से बातचीत की। उन्होंने जिला कलेक्टर कीर्ति किरण पुजार को निर्देश दिया गया कि वे संकटग्रस्त ग्रामीणों को तत्काल सभी आवश्यक सहायता प्रदान करें। उनके साथ जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मैनक घोष, पुलिस अधीक्षक रितु खोखर, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी महादेव असलकर, जल संसाधन, कृषि, सिंचाई और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
