राजेश जायसवाल/मुंबई
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गृहनगर ठाणे में मानवता और संवेदनशीलता की एक मिसाल आज फिर देखने को मिली।उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की तत्परता के कारण ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी की जान बच गई।
दरअसल, अनंत चतुर्दशी के दिन मुंबई पुलिस सुबह से ही ड्यूटी पर रहती है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के काफिले में ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिस निरीक्षक संजय नलावडे सुबह से ही काफिले में ड्यूटी कर रहे थे। सुबह ठाणे के टेंभी नाका स्थित ‘आई दुर्गेश्वरी मंडप’ का पूजन कर उपमुख्यमंत्री शिंदे पुणे में अभिनेता नाना पाटेकर के घर गणपति दर्शन के लिए जाने वाले थे। ठाणे का कार्यक्रम निपटाकर वे साकेत हेलीपैड से हेलीकॉप्टर से पुणे रवाना हुए। कुछ ही घंटों में नाना पाटेकर से मिलकर वे वापस ठाणे के उसी हेलीपैड पर लैंड हो रहे थे, तभी उनके काफिले में ड्यूटी कर रहे संजय नलावडे अचानक चक्कर खाकर गिर पड़े। अपने सामने पुलिसकर्मी को गिरता देख एक पल भी गंवाए बिना उपमुख्यमंत्री शिंदे हेलीकॉप्टर से उतरकर सीधे उनके पास दौड़े। तब तक अन्य सहयोगियों ने उन्हें उठाकर एम्बुलेंस में रख चुके थे। शिंदे ने तुरंत एम्बुलेंस को जुपिटर हॉस्पिटल ले जाने को कहा। इतना ही नहीं, उन्होंने खुद एम्बुलेंस को अपने काफिले में सबसे आगे रखकर जुपिटर अस्पताल तक पहुंचाया। उसके बाद उन्होंने नलावडे को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराकर डॉक्टरों को इलाज शुरू करने को कहा। खुद उपमुख्यमंत्री के पुलिसकर्मी को लेकर अस्पताल आने की खबर मिलते ही उपायुक्त प्रशांत कदम और ट्रैफिक शाखा के पुलिस उपायुक्त पंकज शिरसाट भी तुरंत जुपिटर अस्पताल पहुंचे। तब तक डॉक्टरों ने नलावडे का इलाज शुरू कर दिया था। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने अस्पताल प्रशासन से कहा कि नलावडे के इलाज में जो भी खर्च आए उसकी चिंता न करें और उनका सर्वोत्तम इलाज करें।
इसके बाद उपमुख्यमंत्री शिंदे अपने अगले कार्यक्रम के लिए मुंबई रवाना हो गए। फिलहाल, पुलिसकर्मी नलावडे की हालत अब स्थिर है और डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। उपमुख्यमंत्री शिंदे लगातार फोन पर डॉक्टरों से उनकी सेहत की जानकारी ले रहे हैं।
पिछले ही हफ्ते उपमुख्यमंत्री शिंदे के काफिले के पुलिस निरीक्षक विजय सांगाडे का हृदयाघात से दु:खद निधन हो गया था। उस समय भी शिंदे और उनकी टीम ने उन्हें बचाने की भरपूर कोशिश की थी, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। लेकिन आज फिर एक बार अपनी आंखों के सामने पुलिस अधिकारी को गिरता देख शिंदे ने बिना देर किए खुद आगे बढ़कर उस पुलिसकर्मी की जान बचा ली।
इस घटना के बाद उपमुख्यमंत्री शिंदे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा के आशीर्वाद से पुलिस निरीक्षक संजय नलावडे की जान बची है, वे तो केवल निमित्त मात्र हैं। इस घटना से एक बार फिर उनके संवेदनशील नेता होने का एहसास हुआ है।
