नेटवर्क महानगर/मुंबई
महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और शिवसेना के वरिष्ठ नेता गुलाबराव पाटिल ने कहा कि बड़ी पार्टियों को छोटी पार्टियों के साथ अन्याय नहीं करना चाहिए। उन्हें दबाना नहीं चाहिए, उनका इशारा भाजपा की तरफ था।
दरसअल, विधानपरिषद के चुनाव में शिवसेना को महायुति में सिर्फ चार सीटें दी गई हैं जबकि शिवसेना 6 सीट की मांग कर रही थी। वहीं, जिन सीट पर शिवसेना के अधिकृत उम्मीदवार खड़े हैं, वहां बीजेपी के बागी भी खड़े हो गए। खासकर शिवसेना नेताओं को इसका दुख है।
शिवसेना कोटे से मंत्री गुलाबराव पाटिल ने कहा कि बीजेपी नेताओं को अपने कार्यकर्ताओं को समझाना चाहिए कि महायुति के ही अधिकृत उम्मीदवारों को जिताने में मदद करे और नामांकन वापस लेने की आखिरी तारिख के दिन अपना नामांकन वापस ले। उन्होंने कहा कि अब्दुल सत्तार जो हमारी पार्टी के नेता हैं, उनके बेटे उम्मीदवार बने थे। अब उनका पर्चा पीछे ले लिया गया है, उन्होंने एकनाथ शिंदे जी की बात मानी है।
18 जून को होगी MLC चुनाव के लिए वोटिंग
विधानपरिषद चुनाव के लिए 18 जून को वोटिंग होगी। बुधवार को महायुति ने 17 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। इस लिस्ट में बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी के उम्मीदवार हैं। भाजपा नेता और कैबिनेट मंत्री रविंद्र चव्हाण ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि महायुति के सभी घटक दल साथ हैं। हम पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ रहे हैं। हम सभी 17 सीटों पर भारी बहुमत से जीत हासिल करेंगे।
आज नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख
उम्मीदवारी वापस लेने की आज अंतिम तारीख थी। मगर इससे पहले गुलाबराव पाटिल के बयान से सियासी घमासान मच गया है। बीजेपी नेता रविंद्र चव्हाण ने बुधवार को कहा था कि जो उम्मीरवार बागी रुख अख्तियार करना चाहते हैं वो समय से अपनी उम्मीदवारी वापस ले लें। विपक्ष के पास न तो संख्या बल है और न ही सही रणनीति। उन्होंने कहा कि महायुति के पास स्पष्ट बहुमत है।
6 सीटों पर महायुति के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित!
बता दें कि महाराष्ट्र विधान परिषद की 17 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में महायुति ने शुरुआती बढ़त बना ली है। 6 सीटों पर महायुति के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। जबकि बाकी 11 सीटों पर 18 जून को मतदान होगा। दूसरी ओर, महाविकास अघाड़ी को चुनाव से पहले तगड़ा झटका लगा है, क्योंकि उसके कई उम्मीदवारों ने नामांकन वापस ले लिया है।
ये हैं निर्विरोध निर्वाचित उम्मीदवार
वर्धा-गढ़चिरौली-चंद्रपुर: अरुण लाखानी (भाजपा)
पुणे: विक्रम काकड़े (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी)
ठाणे: रवींद्र फाटक (शिवसेना-शिंदे गुट)
रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग: अनिकेत तटकरे (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी)
यवतमाल: दुष्यंत चतुर्वेदी (शिवसेना-शिंदे गुट)
अहिल्यानगर: प्राजक्त तनपुरे (भाजपा)
18 जून को इन सीटों पर होगा चुनाव?
छत्रपति संभाजीनगर: सुहास शिरसाट (भाजपा) बनाम गणेश लोखंडे (निर्दलीय)
नासिक: नरेंद्र दराडे (शिवसेना-शिंदे गुट) बनाम गोकुल गीते (भाजपा बागी)
सोलापुर: राजेंद्र राउत (भाजपा) बनाम वसंत देशमुख (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरद पवार गुट)
नांदेड़: अमर राजूरकर (भाजपा) बनाम कृष्णा आष्टीकर (महाविकास आघाड़ी समर्थित)
नागपुर: राजू पोद्दार (भाजपा) बनाम अतुल लोंढे (कांग्रेस)
सांगली-सातारा: धैर्यशील कदम (भाजपा) बनाम अभयसिंह जगताप (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरद पवार गुट)
धाराशिव: बसवराज पाटिल (भाजपा) बनाम महेश देशमुख (कांग्रेस)
जलगांव: नंदकिशोर महाजन (भाजपा) बनाम शरद तायडे (शिवसेना-यूबीटी) बनाम रेश्मा काले (शिंदे गुट की बागी उम्मीदवार)
परभणी: सईद खान (शिवसेना-शिंदे गुट) बनाम विवेक नावंदर (शिवसेना-यूबीटी)
भंडारा-गोंदिया: अविनाश ब्राह्मणकर (भाजपा) बनाम नरेश ईश्वरकर (निर्दलीय) बनाम सचिन कुंभलकर (निर्दलीय)
अमरावती: प्रवीण पोटे-पाटिल (भाजपा) बनाम हर्षजीत देशमुख (कांग्रेस)
विधान परिषद में सीधे जनता नहीं चुनती है प्रतिनिधि
गौरतलब है कि विधान परिषद चुनाव में सीधे जनता अपने प्रतिनिधियों को नहीं चुनती है। अप्रत्यक्ष रूप से विधान परिषद के सदस्यों का चुनाव होता है, जिसका मतलब है कि इसमें आम नागरिकों के बजाय, जनता की तरफ से चुने गए जनप्रतिनिधि और कुछ खास वर्ग के लोग ‘Single Transferable Vote’ के जरिए विधान परिषद के सदस्यों को चुना जाता है।
