विकास दिलीप बेद्रे
सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा- ‘रियल लाइफ रैंचो’
नेटवर्क महानगर/मुंबई
मुंबई के राम मंदिर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार देर रात एक ऐसा चमत्कार हुआ कि एक आम यात्री रातों-रात हीरो बन गया। दरअसल, चलती लोकल ट्रेन में अचानक प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला की मदद के लिए विकास दिलीप बेद्रे नामक युवक देवदूत बनकर सामने आया और अपनी डॉक्टर दोस्त की मदद से वीडियो कॉल पर महिला की सफलतापूर्वक डिलीवरी कराई। यह अनोखी घटना गोरेगांव के राम मंदिर रेलवे स्टेशन पर हुई, जिसने पूरे शहर को चौंका दिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, 27 वर्षीय वीडियो कैमरामैन विकास बेद्रे लोकल ट्रेन से यात्रा कर रहे थे, तभी बगल के डिब्बे में बैठी एक महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। महिला की पहचान अंबिका झा (24) के रूप में हुई है, जो विरार की रहने वाली है और अपने दो छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रही थीं।
ट्रेन में महिला को हुई प्रसव पीड़ा!
घटना गुरूवार की बीती रात करीब 12:40 बजे हुई। गोरेगांव स्टेशन से एयरपोर्ट जाने के लिए ट्रेन पकड़ने वाले विकास दिलीप बेद्रे ने देखा कि सेकंड क्लास डिब्बे में बैठी एक गर्भवती महिला यात्री प्रसव पीड़ा के चलते गंभीर तकलीफ में है। विकास ने बताया कि मुझे लगा कि यह दो जान का सवाल है। अगर मैं कुछ नहीं कर पाया तो पछतावा रह जाएगा, इसलिए मुझे कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने तुरंत हिम्मत जुटाई और ट्रेन की इमरजेंसी चेन खींचकर ट्रेन को राम मंदिर रेलवे स्टेशन पर रोका और सहायता के लिए दौड़े। उन्होंने नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन रात का समय था इसलिए उस वक्त कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। स्थिति गंभीर होती देख विकास ने अपनी परिचित गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. देविका देशमुख को वीडियो कॉल किया और उन्हें पूरी स्थिति बताई। तब तक बच्चे का सिर बाहर आ चुका था। डॉक्टर ने वीडियो कॉल पर विकास को चरणबद्ध तरीके से डिलीवरी कराने के निर्देश दिए।
विकास ने बताया कि मैंने वीडियो कॉल पर डॉक्टर को पूरी सिचुएशन, बच्चे की पोजीशन दिखाई। मेरे पास ग्लव्स नहीं थे, इसलिए डॉक्टर ने मुझे हाथ धोकर हाइजीन मेंटेन करने को कहा। डॉक्टर देविका ने वीडियो कॉल पर ही विकास को बच्चे का सिर पकड़कर धीरे-धीरे बाहर खींचने का तरीका बताया। विकास ने 45 मिनट तक डॉक्टर के निर्देशानुसार पूरी प्रक्रिया का पालन किया।
नाल काटा, पूरी प्रक्रिया को दिया अंजाम!
विकास ने बताया कि डॉक्टर के सुझाव पर उन्होंने प्लेटफॉर्म पर मौजूद एक चायवाले से कैंची ली और आसपास के यात्रियों से चादरें मंगाईं। डॉक्टर के बताये अनुसार, विकास ने कैंची से गर्भनाल काटी और सुरक्षित रूप से नाल को गांठ मारने और वेस्टेज पार्ट को संभालने की पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया। कुछ ही देर में बच्चा जन्मा और उसकी रोने की आवाज सुनते ही वहां मौजूद यात्रियों ने राहत की सांस ली। प्रसव सफलतापूर्वक होने के बाद विकास ने नवजात बच्चे को ऊपर उठाकर उसकी मां की छाती से लगाया, जैसा कि डॉक्टर ने बताया था। इसके बाद महिला को उसके परिजनों ने निजी एंबुलेंस से जुहू स्थित कूपर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मां और बच्चे, दोनों को स्वस्थ और सुरक्षित बताया।
विकास ने आगे बताया कि मैंने हिम्मत जुटाकर धैर्य रखते हुए डॉक्टर से सारी प्रक्रिया समझकर डिलीवरी कराई। विकास बेद्रे ने इस घटना के बाद कहा कि ऐसे आपातकालीन स्थिति के लिए लोकल रेलवे स्टेशनों पर भी मेडिकल हेल्प की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए, क्योंकि कोई भी जरूरत कहकर नहीं आती। महिला के साथ उसका छोटा भाई और अन्य परिजन मौजूद थे, जो घबराहट में रोने लगे थे।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर विकास को रियल लाइफ रैंचो कहा जा रहा है। लोगों ने उनकी फोटो और वीडियो पोस्ट कर उनकी सराहना की है। दरअसल, 2009 में आई फिल्म 3 Idiots में आमिर खान का किरदार ‘रैंचो’ भी वीडियो कॉल पर डिलीवरी करवाता है, बिल्कुल उसी तरह जैसे विकास ने किया। रेलवे अधिकारियों ने भी विकास के साहस और तत्परता की सराहना की है। अधिकारियों का कहना है कि उनकी सूझबूझ और मानवीय संवेदना से एक बड़ा हादसा टल गया।
