Haji Arfat Shaikh News
नेटवर्क महानगर/मुंबई
मुस्लिम समाज का ऐतिहासिक पर्व बकरीद (ईद-उल-अजहा) आते ही एक बार फिर महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने अजीबो-गरीब बयान दिया है। मंत्री नितेश राणे का कहना है कि मुसलमानों को कंप्यूटर पर बकरे की तस्वीर की ‘वर्चुअल’ कुर्बानी करनी चाहिए। उनके इस बयान पर अब उन्हीं की पार्टी के मुस्लिम नेता हाजी अराफत शेख ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि चेम्बूर में नितेश राणे का खुद का नॉनवेज होटल उनकी माताजी के नाम से चलता है और वहां पर बहुत अच्छा क्रैब मिलता है। मच्छी/मटन मसाला तो जोरदार मिलता है, इसलिए नितेश राणे जी आपको समझना पड़ेगा। आप अपनी मटन की दुकान की तरफ देखिए, नितेश राणे को अपने होटल पर ध्यान देना चाहिए।
दरअसल, नितेश राणे के कागज पर बकरे की तस्वीर की कुर्बानी वाले नफरती बयानों को लेकर भाजपा नेता हाजी अराफत शेख मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें थोड़ा समझना पड़ेगा, यह ईद का त्योहार है। सबसे बड़ी बात यह है कि उनकी भी गोश्त की दुकान है। उनके पिताजी गोश्त की दुकान चलाकर ही आज मंत्री बने, मुख्यमंत्री रहे हैं। केंद्र सरकार में इतने बड़े ओहदे पर पहुंचे हैं। मैं जब दिल्ली गया था तो नितेश के पिताजी नारायण राणे ने खुद मुझे किस्से सुनाए थे कि हाजीभाई मैं सांगली, सातारा, कोल्हापुर की मंडी में जाया करता था और वहां से बकरे मेरी दुकान पर लाया करता था। मुझे पता है बकरेवालों की समस्या क्या है और क्या माहौल चल रहा है।
मटन की जगह कागज खाकर देखें..
कागज पर बकरा बनाकर काटने या कंप्यूटर पर वर्चुअल कुर्बानी वाले बयान पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए अराफत शेख ने कहा, मुझे लगता है नितेश राणे बचपन में बहुत अच्छी नाव चलाते थे। क्राफ्ट का शौक रहा होगा, इसलिए उन्हें ‘कागज’ से बहुत लगाव है। अगर रविवार के दिन आप मटन खाते हैं तो मटन की जगह पर कागज खाकर देखिए कैसा स्वाद आता है, आपको समझ आ जाएगा।
बकरीद पर बकरा बिरयानी का दावत
अराफत शेख ने कहा कि नितेश राणे को हिंदू कसाई, मुस्लिम कसाई और कुरैशी समाज पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि वे उस डिपार्टमेंट के मिनिस्टर हैं। इस समाज के मुद्दों को ज़्यादा सेंसिटिविटी से देखना ज़रूरी है। आपकी ज़िंदगी मटन की दुकान के बिज़नेस से शुरू हुई थी और आपके पिता ने आपको कड़ी मेहनत से बनाया और आगे बढ़ाया। इसलिए, मैं आपसे उम्मीद करता हूं कि आप बकरा, चिकन और मछली के बिज़नेस से जुड़े लोगों के मुद्दों के साथ इंसाफ़ करेंगे।
ईद की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ, मैं नितेश राणे को ईद पर बकरा बिरयानी के लिए अपने घर बुलाता हूं। बिरयानी के साथ, शीरखुरमा का मज़ा लें और मुस्लिम कल्चर, ईद के त्योहार, उसके पीछे के रीति-रिवाजों और परंपराओं को महसूस करें। हम प्यार से असली बकरा दावत देंगे। उन्होंने कहा कि हर धर्म के लोगों को अपने धर्म का सम्मान करना चाहिए और दूसरों के धर्म का भी उतना ही सम्मान करना चाहिए। यही हमारे देश की संस्कृति और परंपराएं हैं।
