नेटवर्क महानगर/मुंबई
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के दिल्ली दौरे पर तीखा तंज कसते हुए ‘महायुती’ में चल रही खींचतान और टूट-फूट पर कहा कि कोई एक बाबा मुझे मार दिया कहते हुए दिल्ली गया। यह जो लाचारी है, अगर अच्छा शिक्षक मिला होता तो नहीं आती। उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं भी विधायक हूं, अलग-अलग विकास कामों के लिए सभी लोग अपने फंड का इस्तेमाल करते हैं। पहले हम अखबारों में पढ़ा करते थे कि विपक्ष के जो विधायक हैं उन्हें अक्सर सत्ता पक्ष के लोग फंड देने में दिक्कत करते हैं। लेकिन अब तो ऐसा है कि सत्ता पक्ष के विधायकों के बीच ही अनबन की खबरें आ रही हैं। आज ही आपने पेपर में पढ़ा होगा कि कोई तो दिल्ली गया (एकनाथ शिंदे का नाम लिए बिना) पापा मुझे इसने मारा..यह लाचारी क्यों है? अगर सही समय पर सही उम्र पर अच्छी शिक्षा मिली होती तो ये सब नहीं देखना पड़ता।
स्कूली शिक्षा से जुड़े हुए एक प्रोग्राम में उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिक्षा बहुत जरूरी है, संस्कार बहुत जरूरी है। हम अपने बच्चों को संस्कार सिखाते मतलब क्या करते हैं, कॉपी किताब हाथ में लेकर संस्कार नहीं आता है। जो व्यवहार दूसरों के साथ करेंगे, ठीक उसी प्रकार का व्यवहार हमारा बच्चा भी करेगा। नहीं तो ऐसा होगा कि, बाप ने घोटाला किया तो बेटा उससे बड़ा घोटाला करेगा। अपने देश में शिक्षक और शिक्षा अगर किसी व्यक्ति को अच्छा नहीं मिला तो होता यह है कि हम अच्छे व्यक्ति को भी उठाकर जेल में डाल देते हैं। सोनम वांचूक इसका सही उदाहरण है।
पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि चावल से कंकड़ चुनने हैं या कंकड़ों से चावल, यह सिखाने का काम शिक्षक का है। उन्होंने कहा कि हर पीढ़ी को यह बोध देना जरूरी है। इस दौरान उन्होंने सरकार पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने ”रेवड़ी संस्कृति” पर भी कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि आज राजनीति मतलब, दूसरा देगा तो रेवड़ी, हम देंगे तो उपकार! उन्होंने आगे कहा कि फुकट कंप्यूटर देंगे, पर उसमें भरेंगे क्या? कोरी कॉपी देंगे तो कोई होलियां करेगा, लिखने के लिए क्या देंगे? उद्धव ने आगे कहा कि बच्चे हैं कि गधे? इतना बोझ क्यों ढोने देते हो? बांद्रा पूर्व के एमआईजी क्लब में आयोजित मुंबई शिक्षक विधायक जेएम अभ्यंकर की स्थानीय विकास निधि से मुंबई के विभिन्न स्कूलों में ‘डिजिटल स्मार्ट बोर्ड’ वितरण कार्यक्रम के दौरान उद्धव ठाकरे ने ये बातें कहीं।
पिछले वर्षों में मुंबई महापालिका का बाप कौन?
मुंबई महापालिका को लेकर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार साल में महापालिका का बाप कौन है, यह ही पता नहीं? उन्होंने कहा कि अंदर क्या चल रहा है, किसी को नहीं पता? उद्धव ठाकरे ने बताया कि आदित्य के काम से पहली बार महापालिका स्कूलों में प्रवेश के लिए लाइनें लगीं। उन्होंने कहा कि एक अच्छा शिक्षक स्टूडियो से सभी स्कूलों को पढ़ा सकता है। उन्होंने शिंदे पर निशाना साधते हुए कहा कि कहते हैं लड़कियों की पढ़ाई मुफ्त है, लेकिन फीस भरने के पैसे नहीं। घर में कुछ नहीं, लड़कियों को पढ़ाएं कैसे?
शिवसेना और बीजेपी में अनबन की खबरें?
बता दें कि ऐसी खबरें हैं कि एकनाथ शिंदे लगातार सीएम देवेंद्र फडणवीस से दूरी बना रहे हैं। देवेंद्र फडणवीस का एक कार्यक्रम था जिसमें एकनाथ शिंदे नहीं पहुंचे। मुंबई के आजाद मैदान में ‘नया आपराधिक कानून’ विषय पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया था और इस कार्यक्रम का न्योता एकनाथ शिंदे को भी दिया गया था। इस कार्यक्रम में देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार मौजूद थे, लेकिन निमंत्रण मिलने के बावजूद भी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे इस कार्यक्रम में नहीं आए। एकनाथ शिंदे कार्यक्रम में क्यों नहीं आए? यह अबतक साफ नहीं हो पाया है, लेकिन कहा जा रहा है कि शिवसेना के नेताओं को तोड़कर बीजेपी में शामिल किए जाने की वजह से एकनाथ शिंदे काफी नाराज हैं और इसी मुद्दे पर शिवसेना के मंत्रियों ने कैबिनेट बैठक का भी बहिष्कार किया था।
