Devendra Fadnavis
नेटवर्क महानगर/मुंबई
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने वोटों में धांधली का आरोप लगाया था। महाराष्ट्र विधानसभा के सभी 288 सीटों पर 20 नवंबर 2024 को चुनाव हुए थे। आश्चर्यजनक परिणाम आने के बाद से पूरा विपक्ष चुनाव में धांधली का आरोप लगा रहा है। इससे राज्य में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया है कि विधानसभा में 40 से 42 लाख मतदाता बढ़ गए हैं। उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा है कि बढ़े हुए मतदाताओं की जांच होनी चाहिए और उन्हें वोट देने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उद्धव ठाकरे ने अपने कार्यकर्ताओं को आज से ही मतदाता सूचियों की जांच शुरू करने का आदेश दिया है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि वोटर लिस्ट चेक करना शुरू कीजिए, घर-घर जाकर देखिए कि किसी व्यक्ति का एक ही वोट है या नहीं। चुनाव के दिन, जो वोटर नहीं थे, उनके नाम पर भी फर्जी वोटिंग की गई। कुछ जगहों पर डबल वोटिंग हुई तो घर-घर जाकर वोटर लिस्ट चेक कीजिए और पिछले चुनाव में जो वोट चोरी हुई थी, लोकसभा के बाद, हमारे महाराष्ट्र में विधानसभा में वोटों की संख्या लगभग 42-42 लाख बढ़ गई थी, ये बढ़े हुए वोटर कौन हैं? इन पर नजर रखिए और इन्हें वोट मत देने दीजिए।
इस बीच, अब सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि गालिब ने कहा है कि ”दिल बहलाने के लिए यह खयाल अच्छा है…इस पर बस इतना ही कहूंगा। उन्होंने आगे कहा कि जब तक सच्चाई स्वीकार नहीं की जाती, सभी दलों की स्थिति ऐसी ही रहेगी। उन्होंने कहा कि सबसे पहले, उन्हें यह याद रखना चाहिए कि जब 2014 में पीएम मोदी जीते थे, तब महाराष्ट्र में कांग्रेस का शासन था, देश में भी कांग्रेस का शासन था। 15 साल तक कांग्रेस ने शासन किया। तो हम क्यों हार रहे हैं? या जब तक वे यह अध्ययन किए बिना डींगें हांकते रहेंगे कि जनता ने उन्हें क्यों नकार दिया, तब तक वे सत्ता में नहीं आ सकते।
वोट चोरी कर सत्ता पर हुए काबिज: राज ठाकरे
इससे पहले मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने भी वोट चोरी का आरोप लगाया है। राज ठाकरे ने आरोप लगाया है कि वोटों में गड़बड़ी है। राज ने पुणे में पदाधिकारियों की एक बैठक में चुनाव आयोग और भाजपा पर जमकर निशाना साधा है। राज ठाकरे ने आरोप लगाया है कि 2014 से वोट चोरी करके सत्ता का इस्तेमाल किया जा रहा है। राज ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया है कि पिछले 10-12 सालों का यह खेल उजागर हो जाएगा और इसलिए मामले को दबाया जा रहा है। राज ठाकरे ने पहले EVM के खिलाफ भी रुख अपनाया था। उन्होंने सोनिया गांधी और ममता बनर्जी से भी मुलाकात की थी, उस समय उन्होंने लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का भी आह्वान किया था।
मैं पिछले 9 साल से कह रहा हूं…वोट चोरी हो रही है!
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने शनिवार को एक बार फिर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए दावा किया कि पिछले 10 सालों से वोटों की चोरी हो रही है और चुनाव आयोग को इसकी जांच करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी और बीजेपी के अनुराग ठाकुर ने भी वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे, तब आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष और सत्ता दोनों ओर से आरोप लग रहे थे, तब चुनाव आयोग को जांच करनी चाहिए थी, लेकिन उसने मामले को दबा दिया। आयोग जांच नहीं करेगा, क्योंकि उसे डर है कि पिछले 10 सालों की वोट चोरी का सच सामने आ जाएगा। राज ठाकरे ने पदाधिकारियों से कहा कि आगामी नगरपालिका चुनावों में जीत के लिए हर कार्यकर्ता को वोटर लिस्ट की गहन जांच करनी होगी।
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि इन सालों में वोट चोरी करके सरकारें बनाई गईं। हालांकि, उन्होंने किसी दल का नाम नहीं लिया। ठाकरे ने कहा कि मनसे उम्मीदवार इसलिए चुनाव हारे, क्योंकि जो वोट उन्हें मिले, वे उन तक पहुंचे ही नहीं।
राज ठाकरे ने कहा कि उन्होंने 2016 से ही इस मुद्दे को उठाना शुरू किया है। मैंने, शरद पवार, सोनिया गांधी, ममता बनर्जी और अन्य विपक्षी नेताओं से भी मुलाकात की थी। 2017 में मैंने चुनाव बहिष्कार का सुझाव दिया था। उन्होंने आगे कहा कि अगर हम सफलता चाहते हैं, तो हमें इस वोट चोरी को उजागर करना होगा। ठाकरे ने हर कार्यकर्ता से आग्रह किया कि वोटर लिस्ट की पूरी तरह से जांच करें, तभी असली जनादेश सुरक्षित रहेगा।
मैं पिछले 9 साल से यही बात कह रहा हूं कि वोट चोरी हो रही है। उन्होंने वोट लिस्ट में हेरफेर कर सत्ता हासिल की है, और चुनाव आयोग इस पर आंख मूंदे बैठा है। वर्तमान में राज ठाकरे का यह बयान विपक्ष के मौजूदा आरोपों को और मजबूती देता है।
