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नेटवर्क महानगर/मुंबई
महाराष्ट्र के इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) विभाग में क्या 1000 करोड़ रुपये का स्कैम हुआ है? कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट वायरल हुआ, जिसमें इस विभाग में अंडर-सेक्रेटरी-लेवल के सेक्शन ऑफिसर (टेक्निकल) मुकेश सोमकुवर पर गंभीर आरोप लगाए गए और दावा 1000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का किया गया। खास बात यह है कि इसी अधिकारी को महाराष्ट्र सरकार में आईटी मंत्री आशीष शेलार ने सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड अधिकारी सोमकुवर मुख्य सचिव कार्यालय में नोडल ऑफिसर के तौर पर काम कर रहे थे।
यहां बता दें कि पूरे राज्य में इस पद पर सिर्फ एक ही अधिकारी होता है और दावा है कि सरकार की हर आईटी परियोजना के टेंडर से पहले तकनीकी सलाह इन्हीं से ली जाती है और सोमकुवर करीब दो दशक से मंत्रालय में इसी पद पर बैठे हुए थे।
पिछले कुछ सालों में उनके पास से गुजरी हर टेंडर फाइल, जिसकी कीमत सैकड़ों करोड़ रुपये की थी। दावा है कि कई फाइलें उन्होंने बिना किसी ठोस वजह के रोककर रखीं, जो अब जांच के दायरे में हैं।
सोमकुवर के घोटाले की डिपार्टमेंटल जांच शुरू
आरोप है कि सोमकुवर ने अपनी कुर्सी का गलत इस्तेमाल किया और फाइलें जानबूझकर रोककर रखीं। जिन फाइलों को कुछ दिनों में आगे बढ़ जाना चाहिए था, उन्हें महीनों तक रोके रखा गया। अब डिपार्टमेंटल इंक्वायरी (DE) बैठा दी गई है, ताकि यह पता चल सके कि देरी महज लापरवाही थी या भ्रष्टाचार से संबंध रखती है। अगर जांच में भ्रष्टाचार का एंगल सामने आता है, तो मामला एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) को सौंपा जाएगा।
किसी नुकसान के सबूत नहीं मिले
फिलहाल, एक अधिकारी ने बताया कि इस विभाग में सोमकुवर की वजह से अभी तक ऐसे किसी नुकसान के सबूत नहीं मिले हैं। जांच जरूर जारी है और अगर अपराध की पुष्टि होती है तो केस दर्ज कर आगे कार्रवाई होगी। अधिकारी ने आगे बताया कि विभाग ने सोमकुवर को सस्पेंड कर दिया है, और उनकी जिम्मेदारी अस्थायी तौर पर अलोक मिश्रा को सौंप दी गई है।
