नेटवर्क महानगर/रायगढ़
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के खोपोली में शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) की नवनिर्वाचित नगरसेविका मानसी कालोखे के पति मंगेश कालोखे (45) की बेरहमी से हत्या कर दी गई। शुक्रवार, (26 दिसंबर) की सुबह करीब 7 बजकर 30 मिनट पर हुई इस घटना से पूरे जिले में सनसनी फैल गई है। कालोखे अपनी बेटियों को शिशुमंदिर स्कूल छोड़ने गए थे और घर लौट रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ। पुलिस ने बताया कि हत्या खोपोली के विहारी में जया बार के पास चौराहे पर हुई।
मिली जानकारी के मुताबिक, मंगेश कालोखे पर अज्ञात हमलावरों ने उस समय हमला बोला, जब वे अपने बेटे को स्कूल छोड़कर घर लौट रहे थे। उसी समय हमलावर एक काली गाड़ी में आए और उन पर धारदार हथियारों से हमला कर मौके से फरार हो गए। हमला इतना बेरहमी से किया गया कि मंगेश कालोखे की मौके पर ही मौत हो गई।
मंगेश कालोखे जनता के बीच एक लोकप्रिय समाजसेवक के तौर जाने जाते थे और खोपोली के पूर्व पार्षद थे। शिवसेना नेता की हत्या के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया। वहीं, मंगेश की पत्नी ने एनसीपी के जिलाध्यक्ष, प्रवक्ता और अन्य नेताओं पर अपने पति के हत्या का आरोप लगाया है।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल है। घटना की जानकारी मिलने पर खोपोली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेर लिया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की गहनता से जांच कर रही है जिससे हमलावरों का पता लगाया जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे का मकसद आपसी झगड़ा, राजनीतिक रंजिश या कोई और वजह थी?
खोपोली के राहतवाडे इलाके से चुनी गईं पार्षद मानसी कालोखे के परिवार के साथ अचानक हुई इस बर्बरतापूर्ण घटना से क्षेत्र में तनाव का माहौल है। लोग आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालात को देखते हुए इलाके में पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक अंचल दलाल ने भी इस मामले पर कहा है कि शिकायत दर्ज कर मामले में जो भी कमियां हैं, उन्हें दूर किया जा रहा है ताकि यह केस शुरू से ही मजबूत रहे।
मंगेश कालोखे के चचेरे भाई द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर खोपोली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। मंगेश के परिवार ने एनसीपी के रायगढ़ जिला अध्यक्ष सुधाकर घरे, एनसीपी के स्थानीय प्रवक्ता भरत भगत, रविंद्र देवकर और उनके बेटों दर्शन और धनेश तथा सचिन चव्हाण सहित 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
चुनावी रंजिश में हुई हत्या!
वही, शिवसेना विधायक और मंत्री भरत गोगावले परिवार के बीच पहुंचकर आरोप लगाया कि यह हत्या राजनीतिक प्रतिशोध के कारण हुई हो सकती है क्योंकि एनसीपी हाल ही में हुए खोपोली नगर परिषद चुनाव में हार गई थी। रविंद्र की पत्नी उर्मिला ने वार्ड नंबर 3 से शिवसेना की मानसी कालोखे के खिलाफ एनसीपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था और 700 से अधिक वोटों से हार गई थीं।
मंत्री भरत गोगावले ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और एनसीपी ने ही इस पूरी घटना को अंजाम दिया होगा। गोगावाले ने यह भी मांग की कि पुलिस इस मामले में आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करे। मेयर कुलदीपक शेंडे ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी तक शहर को पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी, जबकि खोपोली ट्रेडर्स एसोसिएशन ने विरोध में बाज़ार बंद करने की घोषणा की।
सूत्रों की मानें तो सुधाकर घरे एनसीपी सांसद सुनील तटकरे के करीबी सहयोगी हैं। सुधाकर ने 2024 के विधानसभा चुनाव में कर्जत से शिवसेना के महेंद्र थोर्वे के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था और 5,694 वोटों के अंतर से हार गए थे। पहले वे मंगेश थोर्वे के कट्टर समर्थक थे।


आरोपियों को फांसी की सजा
शनिवार को कालोखे परिवार से मिलने पहुंचे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि इस मामले को फास्टट्रैक पर चलाकर सभी आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी। इस पूरे मामले पर मेरा पूरा ध्यान है। मंगेश कालोखे की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
