advocate piyush barai
नेटवर्क महानगर/मुंबई
एंटॉप हिल पुलिस ठाणे अंतर्गत एक युवती ने अपने प्रेमी युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। युवती ने युवक के खिलाफ 26 मई 2025 को एफआईआर दर्ज करवाई। जबकि, युवक 16 मई को यूपी चला गया था, जहां 4 जून को उसके सगे भाई की शादी थी।
एंटॉप हिल पुलिस उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से युवक को गिरफ्तार कर मुंबई ले आई। परन्तु हकीकत जब सामने आई तो अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए युवक को जमानत दे दी। पुलिस ने युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69, 115(2), 352 के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
इस पूरे मामले को लेकर युवक का केस लड़ रहे युवा वकील पीयूष कुमार बरई और उनकी पत्नी अधिवक्ता ज्योति पीयूष बरई ने सीएसटी स्थित सत्र न्यायालय में साहसपूर्वक जमानत याचिका दायर की थी। जहां, अदालत ने सच्चाई जानने के बाद युवक को जमानत प्रदान की। इस बारे में वकील दम्पति का कहना है कि एक बार फिर यह साबित हो गया कि कानून का दुरुपयोग कर निर्दोषों को फंसाने की कोशिश कितनी घातक हो सकती है। उन्होंने बताया कि युवक और युवती का अरेंज मैरिज तय था। दोनों का आपस में बातचीत और मिलने-जुलने का सिलसिला भी चल रहा था। एक दिन युवती ने युवक को तकनीकी खराबी के चलते अपना मोबाइल फोन बनवाने के लिए दिया। मोबाइल रिपेयर होने के बाद जब युवक ने फोन उसे लौटाने से पहले चेक किया तो हतप्रभ रह गया। उसने युवती के इंस्टाग्राम अकाउंट में कुछ ऐसे चौंकाने वाली बातें देखीं। युवती किसी अन्य पुरुष के साथ भी न सिर्फ करीबी संपर्क में थी, बल्कि उससे शादी की बातें और पैसों की डिमांड कर रही थी। यह देखकर युवक ने शादी करने से इनकार कर दिया, क्योंकि हाल ही में घटित घटनाएं, मेरठ के चर्चित ड्रम मर्डर केस और मेघालय हनीमून मर्डर मिस्ट्री से वह मानसिक रूप से भयभीत हो गया था।
