नेटवर्क महानगर/मुंबई
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने देशभर में लोगों को विदेश में नौकरी का लालच देकर ठगी और जबरन साइबर अपराध कराने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सीबीआई ने इस नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड सुनील नेल्लाथु रामकृष्णन उर्फ ‘कृष’ को मुंबई से गिरफ्तार किया है। प्रारम्भिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह भारत के लोगों को थाईलैंड में अच्छी नौकरी का झांसा देता था। पीड़ितों को पहले दिल्ली से बैंकॉक भेजा जाता और फिर वहां से चोरी-छिपे म्यांमार के मायावाडी इलाके (खासकर केके पार्क) में ले जाया जाता था, यहां पहुंचने के बाद असली खेल शुरू होता था। मुंबई का रहने वाला सुनील नेल्लाथु रामकृष्णन उर्फ ‘कृष’ भारतीय युवाओं को थाईलैंड में नौकरी का लालच देकर म्यांमार के खतरनाक साइबर स्कैम कैंपों में बेच देता था। वहां इन बेबस युवाओं को बंधक बनाकर जबरन ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ‘रोमांस फ्रॉड’ जैसी साइबर ठगी करवाई जाती थी।
जबरन करवाई जाती थी ऑनलाइन ठगी!
लोगों को साइबर फ्रॉड सेंटर में बंद कर दिया जाता और उनसे जबरन ऑनलाइन ठगी करवाई जाती। इनमें डिजिटल अरेस्ट, लव स्कैम (रोमांस फ्रॉड) और क्रिप्टो निवेश जैसे बड़े धोखाधड़ी के तरीके शामिल हैं। पीड़ितों ने बताया कि वहां उनकी हालत किसी कैदी से भी बदतर थी। उन्हें लगातार धमकाया जाता, मारपीट की जाती और बाहर निकलने की कोई आजादी नहीं दी जाती थी।
साल 2025 में कुछ भारतीय किसी तरह इन ठिकानों से भागने में सफल रहे और थाईलैंड पहुंचकर भारत लौटे। उनकी आपबीती सुनकर सीबीआई ने पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच शुरू की। जांच के दौरान सुनील उर्फ कृष का नाम सामने आया, जो इस पूरे रैकेट का अहम कड़ी और मुख्य संचालक बताया जा रहा है। वह लोगों को विदेश भेजने और वहां शोषण कराने में बड़ी भूमिका निभा रहा था।
भारत लौटते ही मुख्य सरगना मुंबई से गिरफ्तार
सीबीआई ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और हाल ही में भारत लौटते ही उसे मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। उसके घर पर छापेमारी में मानव तस्करी नेटवर्क के कई अहम डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं, जो म्यांमार और कंबोडिया से जुड़े इस नेटवर्क की पुष्टि करते हैं। फिलहाल, एजेंसी बाकी आरोपियों, खासकर विदेशी लिंक की तलाश में जुटी है।
