supriya sule car accident news
नेटवर्क महानगर/मुंबई
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर शनिवार, (9 मई) को उस समय एक बड़ा हादसा टल गया जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-एसपी) की वर्किंग प्रेसिडेंट सुप्रिया सुले की कार को एक अन्य वाहन ने साइड से टक्कर मार दी। इस घटना के बाद कुछ देर के लिए हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस घटना की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वह पुणे से मुंबई की ओर यात्रा कर रही थीं, तभी एक तेज और लापरवाही से चलाई जा रही गाड़ी ने उनकी कार को टक्कर मार दी। उन्होंने उस वाहन का नंबर (GJ13CF5257) भी साझा किया और इसे लापरवाही से ड्राइविंग का मामला बताया है।
घटना के बाद राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। सुप्रिया ने कहा कि वह और उनके साथ यात्रा कर रहे सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने लिखा कि यह अनुभव बेहद डरावना था, लेकिन शुक्र है कि स्थिति गंभीर नहीं बनी। लेकन इस घटना के बाद उन्होंने सड़क सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता भी जताई।
सुप्रिया सुले ने कहा कि यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि ओवरस्पीडिंग और लापरवाही से वाहन चलाना किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे हमेशा सीट बेल्ट का उपयोग करें, सतर्क रहकर ड्राइव करें और सड़क नियमों का पालन करें। उनके अनुसार, हाईवे पर सुरक्षित ड्राइविंग सभी यात्रियों की जिम्मेदारी है और इसे गंभीरता से लेना चाहिए। हादसे के बाद स्थानीय ट्रैफिक और सुरक्षा-व्यवस्था की भी चर्चा शुरू हो गई है। एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक और तेज रफ्तार वाहनों के कारण ऐसे हादसे चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे जैसे व्यस्त मार्गों पर निगरानी और सख्त ट्रैफिक नियमों के पालन की जरूरत है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल, इस मामले में कोई शिकायत दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन घटना ने एक बार फिर हाईवे सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुल मिलाकर, इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि न होना राहत की बात रही, लेकिन इसने सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार ड्राइविंग की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
लगातार 4 बार चुनीं गई बारामती से सांसद!
बता दें कि सुप्रिया सुले का राजनीतिक सफर साल 2006 में राज्यसभा के लिए चुने जाने के साथ शुरू हुआ। साल 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने अपने पिता शरद पवार की विरासत को संभालते हुए बारामती निर्वाचन क्षेत्र से बड़ी जीत दर्ज की और तब से वे लगातार चार बार से इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। लोकसभा में एक सांसद के रूप में उनकी पहचान उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और बहस में सक्रिय भागीदारी के लिए है। इसी वजह से उन्हें कई बार ‘संसद रत्न’ पुरस्कार से नवाजा गया।
