ashraf azmi kurla municipal councillor
नेटवर्क महानगर/मुंबई
मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) पर लगभग ₹2.44 लाख करोड़ का कर्ज है, जिसको लेकर बीएमसी में कांग्रेस गुट के नेता एवं कुर्ला से नगरसेवक अशरफ आजमी ने एक अहम सवाल उठाया कि इस भारी कर्ज को आखिर कैसे चुकाया जाएगा? आरोप है कि बीएमसी अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तोड़कर गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड और कोस्टल रोड जैसी विभिन्न परियोजनाओं में फंड का इस्तेमाल कर रही है।
डिपॉजिट में कर्मचारियों का प्रोविडेंट फंड भी शामिल
बताया जा रहा कि इन डिपॉजिट में कर्मचारियों के प्रोविडेंट फंड (PF) का लगभग ₹45,000 करोड़ का योगदान और ठेकेदारों की सिक्योरिटी डिपॉजिट भी शामिल है। यह भी दावा किया गया कि पिछले 10 सालों में निगम को ₹5,000 से ₹6,000 करोड़ का नुकसान हुआ है, क्योंकि बैंक डिपॉजिट पर अब केवल 5.5% की कम ब्याज दर मिल रही है। इस बीच 2022 से 2026 की वित्तीय अवधि को कवर करने वाला एक श्वेत पत्र जारी करने की मांग भी उठाई गई है।
नाला सफाई नहीं बल्कि ”हाथ सफाई”
राजस्व बढ़ाने के उपायों पर चर्चा करते हुए एआईएमआईएम (AIMIM) नगरसेवक जमीर कुरैशी ने प्रस्ताव दिया कि झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों के निवासियों को फोटो पास जारी करने से बीएमसी को सालाना ₹552 करोड़ तक की अतिरिक्त आय हो सकती है, वहीं पट्टे पर दी गई संपत्तियों के किराए में 1% की बढ़ोतरी करने का सुझाव भी दिया गया है। अन्य मुद्दों में मराठी नाटकों और फिल्मों को मनोरंजन कर से छूट देने की मांग, लेखा-परीक्षा और सचिवालय विभागों में कर्मचारियों की कमी को दूर करने की आवश्यकता, और तूफानी पानी की नालियों की सफाई में अनियमितताओं के आरोप भी शामिल रहे।
आलोचकों ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि यह ‘नाला सफाई’ नहीं बल्कि ‘हाथ सफाई’ है। साथ ही अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई और नालियों की सफाई के टेंडर समय पर जारी करने की मांग भी उठी। कुल मिलाकर, स्थायी समिति की बैठक में निगम की वित्तीय स्थिति, राजस्व बढ़ाने के उपायों और विकास परियोजनाओं के लिए धन जुटाने जैसे अहम मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।
