नेटवर्क महानगर/मुंबई
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने देश की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर विवादों के बीच सांसद संजय राउत ने शुक्रवार, (25 सितंबर) को मीडिया से बातचीत के दौरान दावा किया कि 2029 में इस देश में एक नई सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि जिसने-जिसने देश के साथ बेईमानी की है, उनके ऊपर मुकदमे चलेंगे और वो जेल में जाएंगे। उनको जनता सड़क पर पकड़ेगी, देश के गद्दारों को जनता जूते मारेगी। इस दौरान उन्होंने बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर के पुराने बयान का जिक्र करते हए कहा कि ये नारा तो दिल्ली में बीजेपी के अनुराग ठाकुर ने ही दिया था कि ‘देश के गद्दारों को जूते मारे’ को पहला जूता मैं जाकर दिल्ली में मारूंगा। गद्दारों से न हम कभी डरे हैं और न ही आगे डरेंगे। राउत ने चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी कई सवाल उठाए। ये आरोप ऐसे समय लगाए गए हैं जब SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित आपत्तियों की एक रिपोर्ट सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ा है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में 14 मौकों पर आयोग के कदमों पर आपत्ति दर्ज की थी।
सांसद संजय राउत ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को बताना पड़ेगा कि उनके ऊपर किसका प्रेशर था। क्या डील हुई थी, ये बताना पड़ेगा। नहीं तो उन्हें जेल जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की ये बात सही है कि ज्ञानेश कुमार को अप्रूवर बन जाना चाहिए और जिसने प्रेशर डाला है, देश को उसके बारे में जानकारी देनी चाहिए। राहुल गांधी का अच्छा ऑफर है। राहुल गांधी दयावान हैं। राष्ट्रहित के लिए इतने बड़े देशद्रोही और गद्दार को खुले दिल से माफ करना चाहते हैं। देश की सत्ता पर जो बैठे हैं उनके आदेश से ही चुनाव आयोग इस देश में बहुत बड़ा घोटाला, बहुत बड़ा कांड और भ्रष्टाचार किया है। चुनाव को हाईजैक किया और वोटों की चोरी की। इस गद्दारी में मुख्य चुनाव आयु्क्त शामिल हैं। राउत ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर जनता का भरोसा सबसे महत्वपूर्ण है। उनका कहना था कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता या गलत निर्णय हुए हैं, तो भविष्य में उनकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जवाबदेही तय होना लोकतंत्र की मूल भावना का हिस्सा है।
भारत की नींद खुल चुकी है: संजय राउत
राउत ने आगे कहा कि भारत की नींद खुल चुकी है। जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के बाद दुनिया ने देखा है। जंतर-मंतर के आंदोलन का नेतृत्व युवाओं ने किया। उस आंदोलन को इस देश की सभी विपक्षी पार्टियों ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन दिया। फिलहाल, संजय राउत के बयान के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है। चुनावी प्रक्रिया को लेकर जारी बहस अब केवल राजनीतिक मंचों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय चर्चा का विषय बनती जा रही है।
