नेटवर्क महानगर/मुंबई
‘नवसाचा गणपती’ के रूप में दुनियाभर में मशहूर ‘लालबाग के राजा’ के दर्शन को लेकर एक बेहद अहम खबर सामने आई है। लाडले बप्पा को विदाई देने के लिए अब विसर्जन जुलूस की तैयारियां अंतिम चरण में है, और ‘लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल’ ने चरण-स्पर्श दर्शन और मुख-दर्शन की कतारें बंद होने का समय आधिकारिक तौर पर घोषित कर दिया है। मंडल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ‘लालबाग के राजा’ के अंतिम दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ और विसर्जन समारोह की योजना को ध्यान में रखते हुए ये समय तय किया गया है।

चरण दर्शन: गणेश भक्तों को ‘लालबाग के राजा’ के चरणों को स्पर्श करने का मौका देने वाली चरण-स्पर्श दर्शन की कतार आज गुरुवार, (24 सितंबर) की सुबह 6 बजे से पूरी तरह बंद कर दिया गया है। बप्पा का दूर से मुख-दर्शन करने के लिए जो कतारें है, वह 24 सितंबर को रात 12 बजे बंद कर दी जाएगी। इसलिए अंतिम दर्शन के लिए ‘लालबाग के राजा’ के पंडाल में आने के लिए इच्छुक सभी भक्तों से मंडल ने समय का ध्यान रखने और समय पर पहुंचने की अपील की है।
93 साल की परंपरा एवं भव्य दिव्यता ने खींचा भक्तों का विशेष ध्यान!
इस साल ‘लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल’ अपना 93वां साल मना रहा है। मुंबई के इस ऐतिहासिक और बेहद लोकप्रिय गणेशोत्सव के दौरान इस साल भी देश-विदेश से लाखों से ज्यादा भक्तों ने बप्पा के दर्शन किए। इस उत्सव में कई दिग्गज राजनीतिक नेता, उद्योगपति, सेलिब्रिटी और बॉलीवुड कलाकारों ने भी लालबाग के राजा के चरणों में नमन कर आशीर्वाद लिया।
इस साल के गणेशोत्सव का मुख्य आकर्षण मंडल का भव्य मंदिर-थीम वाला पंडाल रहा। पारंपरिक वास्तुकला के तत्व, नक्काशीदार ईंटों का काम, सुनहरे रंग की सजावट और विशाल दरवाजों के जरिए भक्तों को एक विशाल मंदिर में प्रवेश करने जैसा अद्भुत अनुभव दिया गया। इसके अलावा, प्रवेश द्वार पर खड़ा महाकाल से प्रेरित एक विशाल शिवलिंग पूरे माहौल को और भी भक्तिमय और प्रभावशाली बना रहा था, जिसने पर्यटकों और भक्तों का विशेष ध्यान खींचा। भक्तों में ऐसी धारणा है कि ‘लालबाग के राजा’ के दरबार में आने से उनकी मनोकामना पूरी होती है, इसीलिए यहां हर दिन मन्नतें मांगने वाले भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है।
