नेटवर्क महानगर/मुंबई
गोरेगांव (पश्चिम) में हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को हिला दिया है। यहां 19 अक्टूबर की तड़के भीड़ की हिंसा में एक 26 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान हर्षल परमार के रूप में हुई है, जिसे कुछ लोगों ने चोर समझकर बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला।
घटना गोरेगांव पुलिस स्टेशन क्षेत्र के तीन डोंगरी स्थित सुभाष नगर के राज बिल्डर की एक नई इमारत में हुई, जहां निर्माण कार्य चल रहा था। इमारत की तीसरी मंजिल पर मजदूर रहते थे। दो दिन पहले रात में उसी मंजिल से एक मजदूर का मोबाइल फोन चोरी हो गया था। मोबाइल चोरी के बाद मजदूरों ने शक के आधार पर हर्षल को पकड़ लिया और गुस्से में भरे मजदूरों ने बिना किसी सबूत के युवक के हाथ-पैर बांध दिए और उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी।
बताया जाता है कि कुछ लोगों ने उसे रस्सी से दीवार से बांधकर लाठियों और डंडों से बुरी तरह पीटा, जिससे हर्षल की मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान एक मजदूर ने पूरी घटना की तस्वीर भी खींची, जो अब पुलिस के पास सबूत के तौर पर है।
घटना की जानकारी जब इमारत के मैनेजर को मिली तो उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने चारों आरोपियों को किया गिरफ्तार
घटना के बाद गोरेगांव पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों सलमान मोहम्मद खान, इसम्मुला खान, गौतम और राजीव गुप्ता को गिरफ्तार किया। सभी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या मृतक वाकई चोरी में शामिल था या वह सिर्फ गलतफहमी का शिकार हुआ है। फिलहाल, प्रारंभिक जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जो हर्षल के चोरी में शामिल होने की पुष्टि करता हो।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि जब लोग कानून अपने हाथ में लेते हैं, तो निर्दोषों की जान कैसे चली जाती है। गोरेगांव पुलिस के मुताबिक, मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
