नेटवर्क महानगर/मुंबई
मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव को लेकर सियासी पार्टियों के बीच लगातार वाकयुद्ध जारी है। खासकर महायुति और महाविकास अघाड़ी में चुनावी बयानबाजी जारी है।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ‘ब्रांड ठाकरे’ वाली टिप्पणी पर तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि फडणवीस ने हाल ही में ठाकरे परिवार को ‘ब्रांड’ बताते हुए उनकी राजनीतिक प्रासंगिकता पर सवाल उठाया था, जिस पर राउत ने व्यंग्यात्मक अंदाज में जवाब देते कहा कि फडणवीस ने ‘ब्रांड की ब्रांडी’ पी ली है, लेकिन चूंकि वह गुजराती-शाकाहारी हैं, इसलिए उन्हें नशा नहीं चढ़ेगा।
शिवसेना नेता संजय राउत आगे सवाल उठाया कि शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे एक ब्रांड थे, और अगर आज मोदी ब्रांड हैं, तो मोदी के बाद बीजेपी क्या करेगी? क्या कोई अमर पट्टा लेकर आया है? मोदी नहीं होंगे, तब आप किस ब्रांड की ब्रांडी पिएंगे? राउत ने बालासाहेब ठाकरे को महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे राष्ट्रीय ब्रांड से जोड़ा और कहा कि फडणवीस को वर्तमान पर बोलना चाहिए, न कि बालासाहेब पर चर्चा करने का अधिकार है।
फडणवीस ने ठाकरे ब्रांड को ‘कोमा’ में बताया था!
दरसल, संजय राउत का यह पलटवार फडणवीस के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने ठाकरे ब्रांड को ‘कोमा’ में बताया था और बेस्ट चुनावों में ठाकरे परिवार के प्रदर्शन पर तंज कसा था। राउत ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि फडणवीस ने जिस शिवसेना की पार्टी तोड़ी और चुनाव चिन्ह चुराकर किसी और को दिया, उसी बालासाहेब का नाम लेना आश्चर्यजनक है। हम शिवसेना प्रमुख के आशीर्वाद से चुनाव लड़े हैं और अच्छे से जीते हैं। आप भी उस सत्ता में हमारे साथ शामिल रहे हैं, महोदय।
बीएमसी चुनावों में बीजेपी की स्थिति पर तंज कसते हुए संजय राहत ने कहा कि बीजेपी का मौजूदा ढांचा मोदी की एक उंगली पर टिका है, और मोदी खुद डगमगा रहे हैं। ऐसे समय में राज ठाकरे कह रहे हैं कि यह कभी भी गिर सकता है, और इस गिरावट को देश की जनता देख रही है। यही नहीं राउत ने आगे कहा कि अगर इनकी स्थिति अच्छी होती तो AIMIM और कांग्रेस से गठबंधन नहीं करना पड़ता।
निर्विरोध चुनाव दबाब और पैसे का खेल: राउत
कल्याण-डोंबिवली के निर्विरोध चुनाव पर संजय राउत ने कहा कि यह सब पैसे और दबाव का खेल है। फडणवीस के मतदान और लोकतंत्र की हत्या वाले बयानों पर भी राउत ने पलटवार किया, उदाहरण देकर कहा कि निर्विरोध चुनाव सहमति से होते हैं, न कि दबाव से। नरेंद्र मोदी के मुंबई दौरे रद्द होने पर संजय राउत ने चुटकी ली कि मुंबई की हवा बदल चुकी है, और मोदी समेत सभी को आकर देखना चाहिए कि ‘मराठी मानुस’ का भगवा फहरेगा।
