मनिषा कायंदे news
मुंबई: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की नेता एवं महाराष्ट्र विधान परिषद की सदस्य मनीषा कायंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गईं हैं। मनीषा कायंदे को सीएम एकनाथ शिंदे ने शिवसेना का झंडा और अंगवस्त्र देकर पार्टी की सदस्यता दिलाई।
शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं ने कायंदे पर निशाना साधते हुए कहा कि संगठन में सब कुछ मिलने के बावजूद उन्होंने इसे छोड़ने का फैसला किया। शिवसेना (यूबीटी) के नेता विनायक राउत ने संवाददाताओं से कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) छोड़ने के बाद हमारे साथ आईं, उन्हें सब कुछ मिला और अब चूंकि उन्हें फिर से विधान परिषद में नामित किए जाने की संभावना नहीं है, इसलिए उन्होंने (पार्टी) छोड़ने का फैसला किया। पूर्व विधायक शिशिर शिंदे ने भी शनिवार को ठाकरे नीत पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।

रविवार को उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने विधान परिषद सदस्य (MLC) मनीषा कायंदे को पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर प्रवक्ता पद से हटा दिया है। एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी। यह कार्रवाई तब हुई, जब कायंदे रविवार शाम मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की तैयारी में थीं। कायंदे राज्य विधानपरिषद की सदस्य हैं और उनका कार्यकाल 27 जुलाई, 2024 को समाप्त होगा।
मनीषा कायंदे को शिवसेना सचिव और पार्टी प्रवक्ता के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी गई। शिवसेना के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब किसी महिला को पार्टी के सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है।
सीएम एकनाथ शिंदे ने मनीषा कायंदे से पार्टी के विस्तार और महिलाओं की समस्याओं के समाधान की पहल करने की उम्मीद जताई।
शनिवार को पूर्व विधायक शिशिर शिंदे ने भी उद्धव नीत गुट से इस्तीफा दे दिया था। शिवसेना के प्रवक्ता एवं विधायक संजय शिरसाट ने रविवार को संवाददाताओं से कहा कि मनीषा कायंदे कई अन्य लोगों के साथ मुख्यमंत्री शिंदे की मौजूदगी में पार्टी में शामिल होंगी। शिरसाट ने शिशिर शिंदे का नाम नहीं लिया लेकिन दावा किया कि कई और नेता मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली पार्टी में शामिल होंगे।
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा कि मैं पार्टी का एक वफादार सिपाही हूं। मनीषा कायंदे जैसे लोग किसी कचरे के सामान हैं। जो हवा का झोंका आते ही उड़ जाते हैं।
महाराष्ट्र विधानसभा का अब कैसा गणित?
गौरतलब है कि एकनाथ शिंदे और 39 अन्य शिवसेना विधायकों के महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री ठाकरे के खिलाफ विद्रोह करने के बाद पिछले साल जून में शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस की महाविकास आघाड़ी सरकार गिर गई थी। इसके बाद शिंदे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सहयोग से मुख्यमंत्री बने और भारत निर्वाचन आयोग ने उनके गुट को मूल पार्टी का नाम और ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न आवंटित किया, जबकि ठाकरे के गुट को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नाम दिया गया।

