नेटवर्क महानगर/मुंबई
महाराष्ट्र में ‘हिंदी’ विवाद के बीच ‘मराठी’ नहीं बोलने पर एक व्यापारी की पिटाई का मामला सामने आया है। मामला मीरा-भायंदर इलाके का है। यहां एक व्यापारी के साथ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के तथाकथित कार्यकर्ता व्यापारी को मराठी में बोलने के लिए बहस कर रहे थे। जिस पर व्यापारी को यह कहते हुए सुना गया कि उसे मराठी सीखनी पड़ेगी। इसके साथ ही उसने कहा कि महाराष्ट्र में सभी भाषाएं बोली जाती हैं। इससे मनसे कार्यकर्ताओं ने दबंगई दिखाते हुए उसे पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान मनसे कार्यकर्ताओं ने व्यापारी को सीधे थप्पड़ पर थप्पड़ पर जड़ दिए। इस मुद्दे पर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।

महाराष्ट्र में रहते हैं उन्हें मराठी तो आनी ही चाहिए: अजित पवार
महाराष्ट्र सरकार ने त्रिभाषा नीति वापस ली, जिसके बाद उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जो महाराष्ट्र में रहते हैं उन्हें मराठी तो आनी ही चाहिए। राज्य सरकार ने पहले आदेश जारी किया था कि कक्षा 5वीं तक के बच्चों को हिंदी भी सिखाई जाएगी। बाद में विपक्षी दलों के विरोध के बाद ये फैसला वापस ले लिया गया।
इस बीच मीडिया से बातचीत करते हुए अजित पवार ने कहा- कौन कह रहा है कि यह फैसला विपक्ष के पक्ष में गया है? यह तो आप बोल रहे हैं, कोई और नहीं। लोगों के मन की बात आप कैसे जानते हैं?
मेरे दोनों बच्चे भी इंग्लिश मीडियम में ही पढ़े हैं: अजित पवार
पत्रकार द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में अजित पवार ने यह भी सवाल उठाया कि जो लोग मराठी की मांग कर रहे हैं, उनके अपने बच्चे किस माध्यम के स्कूल में पढ़ते हैं? जब पत्रकार ने बताया कि उसका बच्चा इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ता है, तो पवार ने कहा- मेरे दोनों बच्चे भी इंग्लिश मीडियम में ही पढ़े हैं। हर माता-पिता को यह अधिकार है कि वे अपने बच्चों को किस स्कूल में पढ़ाएं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि महाराष्ट्र में रहने वाले लोगों को मराठी भाषा आनी ही चाहिए! पढ़ना, लिखना और बोलना तीनों जरूरी हैं।
मंत्री योगेश कदम बोले- मराठी भाषा का अपमान बर्दाश्त नहीं सरकार
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री योगेश कदम ने कहा कि पिछले कई महीनों से हिंदी और मराठी भाषा को लेकर विवाद चल रहा है। कुछ लोग आगामी महानगरपालिका चुनावों को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे को उठा रहे हैं। मैं कहूंगा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। हमारे राज्य में मराठी भाषा का इस्तेमाल होना चाहिए। हमारी सरकार मराठी भाषा का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी। कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं, संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा MLA नरेंद्र मेहता बोले- मनसे कार्यकर्ताओं पर हो कार्रवाई
मुंबई की मीरा भाईंदर सीट से विधायक और बीजेपी नेता नरेंद्र मेहता ने इस घटना पर कहा कि मराठी गौरव, लेकिन मानवता की सीमा को न भूलें! उन्होंने एक पुराने वीडियो को भी साझा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है कि मीरा-भायंदर इलाके में मराठी में बातचीत करने से इनकार करने पर एक व्यापारी की पिटाई की गई। महाराष्ट्र में मराठी भाषा हमारी पहचान, संस्कृति और गौरव का हिस्सा है। मराठी का प्रचार और प्रसार जरूरी है- लेकिन ये प्यार, समझ और सहिष्णुता के साथ किया जाना चाहिए।
मेहता ने आगे लिखा कि किसी व्यक्ति की भाषा के चयन के कारण मनसे कार्यकर्ताओं की ओर से की गई यह हिंसक घटना उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन करती है और महाराष्ट्र की सहिष्णु परंपरा को आघात पहुंचाती है। मैं इस कृत्य की कड़ी निंदा करता हूं और मेरा स्पष्ट रुख है कि संबंधित एजेंसियों को इस घटना का गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए और उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
मारकर यह भाषा नहीं सिखाई जा सकती: आनंद दुबे
इस मुद्दे पर शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी के प्रवक्ता आनंद दुबे ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि शिवसेना हिंसा का समर्थन नहीं करती और महाराष्ट्र में रहने वालों को मराठी सिखाने का काम प्रेमपूर्वक होना चाहिए, न कि डराकर या पीटकर।
आनंद दुबे ने कहा कि मराठी महाराष्ट्र की आत्मा है, लेकिन किसी को मजबूर करके या मारकर यह भाषा नहीं सिखाई जा सकती। उन्होंने कहा कि हर राज्य की अपनी मातृभाषा होती है- तमिलनाडु में तमिल, बिहार में भोजपुरी या मगही- उसी तरह महाराष्ट्र में मराठी। अगर किसी को भाषा नहीं आती, तो हम सिखाएंगे, लेकिन जो लोग हिंसा कर रहे हैं, उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। शिवसेना की स्थानीय शाखाओं से जुड़कर लोग मराठी सीख सकते हैं, हम उन्हें मंच भी देंगे।
आनंद दुबे ने मराठी भाषा को ”बहुत प्यारी” बताते हुए कहा कि हिंदी और मराठी दोनों देवनागरी लिपि में हैं, इसलिए हिंदी भाषी आसानी से मराठी सीख सकते हैं। उन्होंने अपील की कि हिंदी भाषी लोग मराठी बोलने की कोशिश करें, शुरुआत में मुश्किल होगी लेकिन अभ्यास से सब कुछ संभव है। उन्होंने कहा कि जब लोग मराठी बोलना शुरू करेंगे तो उन्हें अपनापन भी मिलेगा, क्योंकि भाषा दिलों को जोड़ती है।
ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए: निरुपम
शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने अपने ट्विटर पर वीडियो साझा करते हुए लिखा- महाराष्ट्र में रहने वाले सभी लोगों को मराठी में संवाद करना चाहिए, यह आग्रह उचित है, परंतु इसके लिए गुंडागर्दी और मारपीट सर्वथा अनुचित है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से अपील की कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए, अन्यथा महाराष्ट्र में नगरपालिका चुनावों तक गैरमराठी लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
