यूपी: कांग्रेस की 1000 बसों पर 'बवाल' पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को लिया हिरासत में

लखनऊ: कोरोना वायरस की वजह से देश में लॉकडाउन का चौथा चरण शुरू हो गया है। उधर, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली बीजेपी की सरकार और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के नजदीक बॉर्डर पर मंगलवार को यूपी कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू अपने समर्थकों के साथ मौजूद थे। इसी दौरान पुलिस उन्हें टांगकर ले गई।
अजय कुमार लल्लू को हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी मामले पर ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा- यूपी सरकार ने हद कर दी है। जब राजनीतिक परहेजों को परे करते हुए त्रस्त और असहाय प्रवासी भाई-बहनों की मदद करने का मौका मिला तो दुनिया भर की बाधाओं को सामने रख दिया। योगी जी इन बसों पर आप चाहें तो बीजेपी का बैनर लगवा दीजिए, अपने पोस्टर बेशक लगवा दीजिए लेकिन हमारे सेवाभाव को मत ठुकराइए। इस राजनीतिक खिलवाड़ में तीन दिन बर्बाद हो चुके हैं। इन तीन दिनों में हमारे देशवासी सड़कों पर चलते हुए दम तोड़ रहे हैं।
जानें क्या बोले यूपी कांग्रेस चीफ
बसों को इजाजत न देने के मामले में अजय कुमार लल्लू ने कहा, हम-गरीब मजलूम श्रमिकों को उनके घरों तक छोड़ना चाहते हैं लेकिन यह सरकार संवेदनहीनता की सारी पराकाष्ठा पार कर चुकी है। यह सरकार नहीं चाहती कि श्रमिक अपने घरों तक पहुंचें। सरकार को हम बताना चाहते हैं कि श्रमिक भाइयों को उनके घरों तक अपनी बसों से पहुंचाने के लिए हम संकल्पित हैं।
ये कांग्रेस की पुरानी आदत है: दिनेश शर्मा
उधर, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा, पूरे देश में श्रमिकों को लाने का कहीं काम किया गया है तो वह यूपी सरकार ने किया है। इस समय सभी को एक साथ मिलकर काम करना चाहिए, लेकिन कांग्रेस ने गुमराह करने का काम किया, इनका आचरण सामने आ गया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को लाने-ले जाने के लिए जिलों के बॉर्डर पर 200 बसें रखी गईं हैं। जिला अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसा काम पूरे देश में सिर्फ योगी सरकार ने किया है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह व्यवधान लगाना और जनता को गुमराह करना जानती है। ये आपराधिक कृत्य है। कांग्रेस नाइंसाफी कर रही है। काम की बजाय टिप्पणी करना कांग्रेस की पुरानी आदत है।



