टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 137 रनों से हराया..!

मेबलर्न में खेले गए बॉक्सिंग डे टेस्ट में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 137 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने मेजबान टीम के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 2-1 की बढ़त ले ली है। भारत ने दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 399 रनों का लक्ष्य दिया था, लेकिन उसकी पूरी टीम 89.3 ओवर में 261 रन ही बना सकी।
टीम इंडिया के X फैक्टर कहे जाने वाले बुमराह ने इस मैच में कुल 9 विकेट झटके। पहली पारी में उन्होंने 33 रन देकर 6 विकेट लिए थे, जो उनके टेस्ट करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया। उनकी घातक बोलिंग की बदौलत ही ऑस्ट्रेलियाई टीम की पहली पारी सिर्फ 151 रनों पर सिमट गई। दूसरी पारी में उन्होंने 53 रन देकर 3 अहम बल्लेबाजों को आउट किया। वह ऑस्ट्रेलिया में उसी के खिलाफ एक मैच में 9 विकेट झटकने वाले पहले भारतीय, जबकि दूसरे विदेशी तेज गेंदबाज बने। उनसे पहले साउथ अफ्रीका के काइली एबॉट ने 2016 में होबार्ट में 9 विकेट लिए थे।
पर्थ में हार के बाद टीम इंडिया के सामने सबसे बड़ा सवाल यह था कि ओपनिंग किससे कराई जाए, क्योंकि लोकेश राहुल और मुरली विजय की जोड़ी लगातार फ्लॉप रह रही थी। यहां मयंक और हनुमा विहारी को ओपनिंग में उतारा गया। डेब्यू इनिंग में मयंक ने 161 गेंदों में 76 रन की पारी खेलते हुए भारतीय टीम को पहली इनिंग में शानदार शुरुआत दी। इसका फायदा भारतीय मिडल ऑर्डर ने उठाया और 7 विकेट पर 443 रनों के स्कोर पर पारी घोषित की। मयंक ने दूसरी पारी में भी 42 रन की अहम पारी खेली।
पुजारा ने पहली पारी के दौरान भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने टेस्ट करियर का 17वां शतक जड़ते हुए कई रेकॉर्ड भी बनाए। भारत के दूसरे राहुल द्रविड़ कहे जाने वाले पुजारा ने 319 गेंदों का सामना किया और 10 चौके लगाए। इस दौरान उन्होंने मयंक के साथ 83 रन जोड़े, जबकि कप्तान विराट के साथ मिलकर 170 रनों की साझेदारी की। पुजारा का यह सीरीज में दूसरा शतक रहा।
पर्थ टेस्ट में मिली हार के बाद आलोचकों के निशाने पर रहने वाले भारतीय कप्तान विराट कोहली ने यहां फिर साबित किया कि मौजूदा दौर में उनसे बेहतर बल्लेबाज कोई नहीं है। असमान उछाल वाली पिच पर उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को जमकर छकाया। विराट (204 गेंदों में 9 चौके की मदद से 82 रन) ने शतकवीर पुजारा के साथ मिलकर 170 रनों की साझेदारी करते हुए पहले टीम को संवारा और फिर अपने गेंदबाजों का सही इस्तेमाल करते हुए मेजबान की पहली पारी सिर्फ 151 रनों पर समेट दी। दूसरी पारी में भी उन्होंने साबित किया कि वह सिर्फ अच्छे बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि शानदार कप्तानी का हूनर भी रखते हैं।
‘हिटमैन’ के नाम से मशहूर रोहित शर्मा ने पहली पारी में 114 गेंदों में 5 चौके की मदद से नाबाद 63 रन की पारी खेली। उनकी यह पारी उस वक्त आई, जब भारतीय टीम को जरूरत थी। उन्होंने अजिंक्य रहाणे के साथ मिलकर 5वें विकेट के लिए 62 रन जोड़े, जबकि पंत के साथ 76 रनों की साझेदारी की। यहां वह अपनी विस्फोटक छवि से विपरीत टीम की जरूरत के हिसाब से खेलते नजर आए। यह टीम इंडिया और कप्तान विराट के लिए राहत की बात होगी।
मैच में एक छोर पर जहां जसप्रीत बुमराह लगातार विकेट ले रहे थे तो दूसरी ओर अन्य गेंदबाज मेजबान टीम के बल्लेबाजों पर दबाव बना रहे थे। इनमें सबसे आगे जडेजा रहे। उन्होंन पहली पारी में 2 और दूसरी पारी में 3 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई पारी को समेटने में बुमराह के साथ अहम भूमिका निभाई।
दिग्गजों के बीच इस युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को नजरअंदाज करना आसान नहीं है। कुछएक मौकों को छोड़ दिया जाए तो पंत ने विकेट के पीछे शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 3 कैच लपके, जबकि बैटिंग के दौरान पहली पारी में 39 और दूसरी पारी में 33 रनों की अहम पारी खेली। दूसरी पारी में वह मयंक के बाद दूसरे बेस्ट स्कोरर रहे।


टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत के हीरो

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