nalasopara murder
राजेश जायसवाल/मुंबई
मायानगरी के नालासोपारा से दिल दहला देने वाली एक घटना सामने आई है। यहां शादी के वक्त सात जन्मों तक साथ निभाने की कसमें खाने वाली एक कलयुगी पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी और शव को कमरे में ही दफना दिया। इतना ही नहीं कातिल पत्नी ने पति की हत्या के बाद उसी फर्श पर बेड लगाकर 20 दिनों तक वहीं सोती रही..!
आखिर क्या है पूरा मामला?
नालासोपारा में 17 दिन पहले एक पति रहस्यमयी ढंग से अपने घर से गायब हो जाता है। कुछ ही दिनों बाद उसकी पत्नी भी अचानक कहीं लापता हो जाती है!
राजमिस्त्री का काम करने वाला 32 वर्षीय युवक विजय चौहान अपनी 28 वर्षीय पत्नी चमन देवी और 8 साल के बेटे के साथ नालासोपारा पूर्व के गडकापाड़ा इलाके के एक चॉल में रहता था। जबकि, विजय के भाई इस मोहल्ले से थोड़ी दूर बिलालपाड़ा में रहते हैं।
पत्नी ने कही थी कुर्ला जाने की बात?
दरअसल, पिछले दिनों विजय के भाई ने एक मकान खरीदा था और इसके लिए उसे कुछ पैसों की जरूरत थी। ऐसे में उसने अपने भाई विजय को फोन किया था, लेकिन उसका फोन लगातार नॉट रिचेबल आता था, तो फिर विजय के भाई ने खुद ही यहां आकर अपने भाई के बारे में पता करने का फैसला किया। यहां विजय तो नहीं मिला, लेकिन उसकी पत्नी मिली, जिसने बताया कि विजय कुछ रोज पहले अपने काम से कुर्ला गए हैं और जल्दी नहीं आएंगे। फिर 19 जुलाई को उसने अपनी भाभी चमन को फोन किया, तो उसका भी फोन लगातार बंद आने लगा। तब वो दोबारा अपने भाई और भाभी की खबर लेने यहां पहुंचा।
टाइल्स के अलग रंग से खुला हत्या का राज?
विजय का फोन करीब तीन हफ्ते से बंद आ रहा था, जिस पर उसके भाइयों को शक हुआ और वो सोमवार, 21 जुलाई की सुबह अपने गायब हो चुके भाई के घर पहुंचे तो उनकी नजर घर के अंदर फर्श पर लगे नए टाइल्स पर पड़ी, जो पहले लगे टाइल्स से थोड़ी अलग रंग की थी। इसके बाद ही विजय के गायब होने का शक और गहरा हो जाता है। आखिरी बार 10 जुलाई को वे विजय के घर आए थे। तब पत्नी चमन देवी ने उन्हें बताया था कि विजय ने कुर्ला में कोई काम पकड़ लिया है और अभी वहीं है। इस बीच उन्होंने पुलिस से मदद मांगी और अपने दोस्तों के साथ मिलकर उस फर्श की खुदाई शुरू कर दी, इधर जब तक खुदाई खत्म होती, तभी पुलिस भी वहां पहुंच गई। घटनास्थल पर पड़ोसियों के साथ-साथ पुलिस की मौजूदगी में सबसे पहले फावड़े से फर्श पर लगी टाइल्स को तोड़कर नीचे मिट्टी की खुदाई की गई तो फर्श के नीचे से तेज बदबू बाहर आने लगी। करीब डेढ़-दो फीट मिट्टी की खुदाई होते ही ऊपर से एक बनियान जैसी चीज नीचे दबी हुई नजर आती है और 4 फीट गहरे गड्ढे से विजय की लाश! मलबा हटाकर शव को बाहर निकाला गया और फॉरेंसिक एक्सपर्ट, डॉक्टरों को बुलाकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। उसके बाद पुलिस ने फरार आरोपियों को ढूंढने का काम शुरू किया।
विजय की पत्नी चमन देवी पर प्रेमी मोनू विश्वकर्मा संग मिलकर अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम’ के स्टाइल में प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या करने का आरोप है। आरोप के मुताबिक, उसने घर में पति के शव को गाड़कर ऊपर से टाइल्स बिछा दी थीं और खुद प्रेमी संग फरार हो गई। पुलिस ने आरोपी पत्नी चमन देवी और उसके प्रेमी मोनू विश्वकर्मा (22) को पुणे से मंगलवार की रात गिरफ्तार कर लिया। हत्या के बाद से दोनों फरार चल रहे थे। पुलिस के मुताबिक, पड़ोस में रहने वाले मोनू और कोमल के बीच पहले से ही प्रेम संबंध थे।
पुलिस के मुताबिक, मोनू ने व्हाट्सएप चेक करने के लिए अपना मोबाइल फोन चालू किया था, जिससे उसकी लोकेशन का पता चल गया और वहां स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों को हिरासत में लिया गया। चमन और मोनू से पूछताछ की गई जिसमें उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पकड़े गए दोनों आरोपियों को बुधवार को वसई कोर्ट में पेश किया गया।
मृतक विजय के छोटे भाई अखिलेश ने दावा किया है कि चमन देवी, विजय का बच्चा भी अपने साथ ले गई थी। उसी बच्चे ने उसे बताया कि उसकी मां अपने प्रेमी मोनू संग पहले कलम बीच गई थी। वहां पर वह एक दिन रही इसके बाद वे पुणे के लिए निकल गए। पुणे में मोनू और कोमल एक किराये के घर में रह रहे थे।
पड़ताल: पड़ोस में रहने वाले छह साल छोटे मोनू से था अवैध संबंध!
मूलतः यूपी के जौनपुर निवासी विजय चौहान मुंबई में पिछले कई वर्षों से मिस्त्री का काम करता था। उसकी शादी आठ साल पहले चमन नाम की युवती से हुई थी। दोनों का एक बेटा भी है और शुरुआत में जीवन सामान्य चल रहा था। लेकिन समय के साथ हालात बदलने लगे।
विजय की पत्नी चमन देवी का संपर्क बिहार के एक 20 वर्षीय युवक मोनू से हुआ। यह जान-पहचान जल्द ही प्रेम-प्रसंग में तब्दील हो गई। दोनों के बीच घंटों बातचीत होती रहती, लेकिन विजय को इसकी भनक नहीं लगी। कुछ समय बाद विजय को पत्नी के व्यवहार में काफी बदलाव नजर आने लगा। देर रात तक फोन पर बातें करना कर जवाब देने में टालमटोल करना। इन सबसे विजय परेशान रहने लगा। उसके बाद उसने पत्नी पर नजर रखनी शुरू की तो सच्चाई सामने आ गई।
विजय ने जब पत्नी को समझाने की कोशिश की तो दोनों के बीच झगड़े हुए। चमन किसी भी हाल में मोनू से रिश्ता नहीं तोड़ना चाहती थी। ऐसे में उसने विजय को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया और योजना बनानी शुरू कर दी। योजना के तहत चमन और उसके प्रेमी ने विजय की गला दबाकर हत्या कर दी। उसके बाद उसी कमरे में गड्ढा खोदकर शव को जमीन में दफना दिया। फिर उस पर बेड लगाकर रोजाना उसी कमरे में चमन आराम से सोती रही मानो कुछ हुआ ही न हो।
इस दौरान विजय के परिजन लगातार उससे संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन हर बार चमन कोई न कोई बहाना बनाकर उन्हें टालती रही। पूछने पर चमन देवी कहती थी कि विजय काम में व्यस्त है और बाद में बात करेगा। लगातार संपर्क न होने पर विजय के घरवालों को शक हुआ। तब वे जौनपुर से मुंबई पहुंचे और नालासोपारा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो मामले की परतें खुलती चली गईं। हत्या का खुलासा होने के बाद सिर्फ ससुराल वाले ही नहीं चमन का मायका पक्ष भी अब उसके खिलाफ है। उसके पिता ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर चमन ने यह घिनौना काम किया है तो उसे सजा मिलनी ही चाहिए।
