Shriprakash Jaiswal Death News Updates
आखिरी वक्त तक कांग्रेस के वफादार सिपाही रहे जायसवाल..!
राजेश जायसवाल/कानपुर
कानपुर से तीन बार सांसद रहे और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। श्रीप्रकाश जायसवाल काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे, उनका इलाज चल रहा था। उन्होंने शुक्रवार को कानपुर में ही अंतिम सांस ली। श्रीप्रकाश जायसवाल करीब चार दशकों तक सक्रिय राजनीति का हिस्सा रहे और उनका अचानक जाना एक युग के अंत जैसा है।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता श्रीप्रकाश जायसवाल के निधन पर गहरा दु:ख जताया है। मुख्यमंत्री ने पोस्ट करते हुए कहा, पूर्व केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ राजनेता श्री श्रीप्रकाश जायसवाल जी का निधन अत्यंत दुःखद है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान व शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
25 सितंबर 1944 को यूपी के कानपुर में जन्मे श्रीप्रकाश जायसवाल तीन बार लोकसभा सांसद रहे। वे केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री तथा कोयला मंत्री जैसे अहम पदों की जिम्मेदारी संभाली। उनकी राजनीतिक यात्रा चार दशकों से अधिक समय तक सक्रिय और प्रभावशाली रही। वे भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते थे। हालांकि, पिछले लोकसभा चुनाव से पहले उनके भाई प्रमोद जायसवाल ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था, तब कयास लगाए जा रहे थे कि शायद श्रीप्रकाश जायसवाल भी पाला बदल लेंगे। लेकिन तमाम राजनीतिक उतार-चढाव के बाद सभी अटकलों को खारिज करते हुए वे अंत तक कांग्रेस से ही जुड़े रहे।
श्रीप्रकाश जायसवाल केंद्रीय मंत्री रहते हुए अपने कार्यकाल में कानपुर के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट भी लाए। लगातार तीन बार कानपुर से सांसद रहने और 10 वर्ष तक केंद्रीय मंत्री रहने वाले श्रीप्रकाश जायसवाल का गुरुवार की रात में पोखरपुर स्थित आवास पर तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें स्वजन हृदय रोग संस्थान ले गए, जहां डाक्टरों ने उनके निधन की पुष्टि की। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता एवं ग्रामीण अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने उनके निधन की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री की तबीयत अचानक बिगड़ गई, इसके बाद उन्हें किदवई नगर स्थित नर्सिंग होम लाया गया। वहां से कॉर्डियोलॉजी रेफर किया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
महापौर से शुरू की थी राजनीतिक जीवन की शुरुआत
श्रीप्रकाश जायसवाल का जन्म 25 सितंबर 1944 को कानपुर में हुआ था। 28 अप्रैल 1967 को उनका विवाह माया रानी जायसवाल से हुआ। दंपति के दो बेटे, एक बेटी और दो पोते हैं। श्रीप्रकाश जायसवाल ने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1989 में कानपुर शहर के महापौर के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ाया। श्रीप्रकाश जायसवाल ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया था। उनका कार्यकाल 2000 से 2002 तक रहा। इस दौरान उन्होंने संगठन विस्तार और कांग्रेस की जड़ों को मजबूत करने में सराहनीय भूमिका निभाई।
श्रीप्रकाश जायसवाल वर्ष 1999 में पहली बार कानपुर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। इसके बाद 2004 और 2009 में भी उन्होंने लगातार जीत दर्ज की. लगातार 15 वर्षों तक वे संसद में कानपुर का प्रतिनिधित्व करते रहे। अंतरराष्ट्रीय घटनाओं में भी वे सक्रिय भूमिका में रहे। वर्ष 2009 में ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर हमले की जांच में वे जुटे। मेलबर्न के अस्पताल, मंदिर और सार्वजनिक स्थलों का दौरा किया। ट्रेनों में सफर कर सुरक्षा स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन किया। मामले को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उठाया था।
मोदी लहर में देखना पड़ा पराजय का मुंह!
मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के बेहद करीबी माने जाने वाले राजनेता श्रीप्रकाश जायसवाल यूपीए के पहले कार्यकाल में गृह राज्य मंत्री बनाया गया। वे इस पद पर 23 मई 2004 से 22 मई 2009 तक रहे। मनमोहन सरकार में उन्होंने आतंरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और गृह मंत्रालय से जुड़े अहम दायित्व निभाए। यूपीए-2 में 19 जनवरी 2011 से 26 मई 2014 तक उन्होंने कोयला मंत्री के तौर पर काम किया। इसके बाद 2014 में मोदी लहर के दौरान उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जताया दु:ख
उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अजय राय ने श्रीप्रकाश जायसवाल के निधन पर दु:ख जताया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा- गहरी शोक संवेदनापूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। कानपुर और यूपी की राजनीति में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा। हम सबके बड़े भाई, सरल स्वभाव और जमीन से जुड़े हुए नेता के रूप में वे सदैव याद किए जाएंगे। बाबा विश्वनाथ दिवंगत आत्मा को शांति दें और परिवार को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करें।
