8 दिसबंर को 90 साल के हो जाते धर्मेंद्र
बता दें कि धर्मेंद्र का 8 दिसंबर को 90वां बर्थडे था। वहीं, घर पर इलाज के दौरान खबरें आ रही थीं कि परिवार अभिनेता के बर्थडे सेलिब्रेशन की भी तैयारी कर रहा है। लेकिन अपने जन्मदिन से ठीक 14 दिन पहले अभिनेता ने इस दुनिया को हमेशा कि लिए छोड़ दिया। उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री ही नहीं पूरे दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं, फैंस भी एक्टर के जाने से सदमे में हैं। सोशल मीडिया पर दिग्गज अभिनेता को अब फैंस और सेलेब्स भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
धर्मेंद्र के वर्कफ्रंट की बात करें तो वो आखिरी बार कृति सेनन और शाहिद कपूर की फिल्म ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ में नजर आए थे। अब उनकी आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ है ये श्रीराम राघवन के डायरेक्शन में बनी है। हाल ही में इस फिल्म से एक्टर का नया पोस्टर भी सामने आया था। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा लीड रोल में हैं। वो साल 1971 के भारत-पाक युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल के रोल में दिखेंगे। वहीं, धर्मेंद्र उनके पिता के किरदार में होंगे। ये फिल्म 25 दिसंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
इस नेता से मुलाकात के बाद राजनीति में आए?
साल 2004 में धर्मेंद्र ने एक्टिव पॉलिटिक्स में एंट्री मारी थी। ये सब कुछ उस समय हुआ जब बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व डिप्टी पीएम लालकृष्ण आडवाणी ने उनसे मुलाकात की थी। आडवाणी से मुलाकात के बाद उन्होंने राजनीति में उतरने का फैसला लिया। बीजेपी ने उन्हें बीकानेर संसदीय सीट से पार्टी का उम्मीदवार बनाया। धर्मेंद्र ने इस चुनाव में जमकर प्रचार किया। उनका परिवार भी दिग्गज अभिनेता के प्रचार में उतरा था इसका असर रिजल्ट में नजर आया।
धर्मेंद्र बीकानेर संसदीय सीट से चुनाव जीत गए। इस चुनाव में धर्मेंद्र ने 57 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की और सांसद बन गए। उन्होंने इस संसदीय चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता रामेश्वर लाल डूडी को हराया था। धर्मेंद्र ने राजनीति में आने का फैसला ले तो लिया, लेकिन पॉलिटिक्स उन्हें ज्यादा रास नहीं आई। आडवाणी के कहने पर राजनीति में आने वाले धर्मेंद्र का जल्द ही इससे मोहभंग भी हो गया।
300 से ज्यादा फिल्मों का हिस्सा रहे धर्मेंद्र
धर्मेंद्र का जन्म 8 दिसंबर 1935 को पंजाब के नसराली गांव में हुआ था। इस छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने बॉलीवुड के सबसे बड़े एक्टर बनने का सफर तय किया। उन्होंने अपने करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है और हर लोगों ने पर्दे पर उनकी बेहतर अदाकारी पसंद की। उन्होंने हिंदी के साथ पंजाबी सिनेमा में भी अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरा था। एक्टर के करियर की तरफ रुख करें तो उन्होंने साल 1960 में ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की थी। वे रोमांटिक और एक्शन फिल्में करने के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कुछ समय में ही अपनी दमदार पर्सनालिटी और आवाज के बलबूते पर फिल्म इंडस्ट्री के मोस्ट हैंडसम पर्सन की छवि हासिल कर ली थी। फिर एक बार अभिनय का जो सिलसिला शुरू हुआ तो वो अंतिम सांस तक नहीं थमा, 65 साल के करियर में उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। फिल्म जगत में ‘हीमैन’ के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
धर्मेंद्र जी आप हर हिन्दुस्तानी के दिल में हमेशा ज़िंदा रहेंगे…आपकी सादगी, मुस्कान और अद्भुत अभिनय की विरासत सदैव अमर रहेगी..”ओम शांति”!
