Aaditya Thackeray News
नेटवर्क महानगर/मुंबई
महाराष्ट्र में शिक्षा विभाग में चल रही गड़बड़ी को लेकर शिवसेना (यूबीटी) विधायक व युवासेना प्रमुख आदित्य ठाकरे ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। खासकर 10वीं के रिजल्ट के बाद 11वीं में प्रवेश प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की है।
मातोश्री में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए आदित्य ठाकरे ने स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे से इस्तीफे की मांग की है। आदित्य ठाकरे ने कहा, 10वीं का रिजल्ट आए एक महीना हो गया, लेकिन 11वीं की पहली मेरिट लिस्ट अब तक जारी नहीं हुई है। 13 मई को रिजल्ट आया, लेकिन ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में कई समस्याएं आईं। यह प्रणाली पहले कुछ चुनिंदा शहरों में थी, लेकिन अचानक इसे पूरे राज्य में लागू कर दिया गया, जिससे पहले ही दिन वेबसाइट क्रैश हो गई। 10 जून को लिस्ट जारी होनी थी, लेकिन वह 26 जून तक टलती गई, और तब भी समय पर जारी नहीं हुई। आज लिस्ट लागू होगी या नहीं, ये भी निश्चित नहीं है। इस बीच, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही पहली लिस्ट जारी होने की खबर आई। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा, हमने आंदोलन की चेतावनी दी और लिस्ट जारी हो गई। दादा भुसे को इस्तीफा देना ही चाहिए।
सरकार के 100 दिनों के कामकाज पर सवाल?
देवेंद्र फडणवीस सरकार के 100 दिनों के कामकाज पर सवाल उठाते हुए आदित्य ठाकरे ने कई विभागों में गड़बड़ी और घोटालों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, फडणवीस सरकार के 100 दिन पूरे हो गए हैं और वे कह रहे हैं कि ये पॉलिसी बनाई, वो पॉलिसी बनाई। लेकिन कई विभागों में गड़बड़-घोटाले शुरू हो गए हैं। स्कूली शिक्षा विभाग में तो सबसे ज्यादा गड़बड़ी हुई है। वर्तमान मंत्री ने तो बौद्धिक गड़बड़ी कर दी है।
शिक्षा विभाग में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार कौन?
युवा ठाकरे ने सवाल उठाते हुए कहा, इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार कौन है? वह कंपनी किसने चुनी? बिना अनुभव के उसे काम क्यों दिया गया? क्या मुख्यमंत्री संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे?ऐसे कई सवाल उन्होंने उठाए। उन्होंने मांग की कि दादा भुसे से स्कूली शिक्षा विभाग वापस लिया जाए और उन्हें मंत्री पद से हटाया जाए। उन्होंने यह भी पूछा कि जब पहली लिस्ट जारी हो चुकी है, तो दूसरी लिस्ट 9 जुलाई को क्यों जारी की जाएगी, इसमें इतनी देर क्यों लग रही है?
दी आंदोलन की चेतावनी
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने चेतावनी दी थी कि अगर आज लिस्ट जारी नहीं हुई तो युवासेना राज्यव्यापी आंदोलन करेगी और दादा भुसे के इस्तीफे की मांग करेगी। हालांकि पहली लिस्ट जारी हो जाने से तत्काल आंदोलन टल गया, लेकिन प्रवेश प्रक्रिया में देरी को लेकर उनका विरोध कायम है।
कई दूसरे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा
आदित्य ठाकरे ने सिर्फ शिक्षा ही नहीं, बल्कि राज्य की अन्य समस्याओं पर भी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि राज्य में कई लोग परेशान हैं। किसान, महिलाएं सबको तकलीफ हो रही है। इन्हें तय कर लेना चाहिए कि अब दिवाली के बाद कॉलेज शुरू करना है। क्योंकि कुछ विद्यार्थी तनाव में आ जाते हैं। सबके पुरस्कार समारोह पूरे हो गए हैं, अब तो छात्रों पर ध्यान देंगे या नहीं?
आखिर में उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, गंदी राजनीति करना बंद करें। अपनी सरकार और मंत्री पद की घोषणा करने में दो महीने लग गए, अब इन गड़बड़ियों को निपटाने में और कितने महीने लगेंगे?
