mumbai sakinaka police news
नेटवर्क महानगर/मुंबई
मुंबई के साकीनाका इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक पति ने अपनी प्रेमिका के साथ जिंदगी बिताने के लिए पत्नी की हत्या की साजिश रची और 6.70 लाख की सुपारी देकर उसकी हत्या करवा दी। इतना ही नहीं उसने फिर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश भी की। हैरानी की बात यह है कि पुलिस की शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या मान लिया गया। फाइल भी बंद होने की कगार पर थी, लेकिन पिता के शक ने पूरी सच्चाई सामने ला दी और करीब डेढ़ साल बाद आत्महत्या के पीछे छिपी हत्या की गहरी और चौंकाने वाली साजिश का न सिर्फ पर्दाफाश हो गया, बल्कि आरोपी पति समेत कुल चार आरोपियों को साकीनाका पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पति सकाराम चौधरी (36) शंकर डांगी (36), बाबू उर्फ राघव उर्फ अमरचंद गायरी (22) और दिनेश गायरी (20) के रूप में हुई।
पुलिस ने मुताबिक, 14 अक्टूबर 2024 को साकीनाका के संघर्ष नगर में रहने वाली नारंगी उर्फ गीता चौधरी (34) का शव घर के किचन में पंखे से लटके होने की जानकारी उन्हें मिली. मौके की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और इसे आत्महत्या मानते हुए आकस्मिक मृत्यु (एडीआर) का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इस दौरान मुंबई में डॉक्टरों के मृतका के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह अंत तक स्पष्ट नहीं की। पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए शव राजस्थान ले जाया गया और परिवार ने उसे वहां दफन भी कर दिया, लेकिन मृतका के पिता भानाराम चौधरी (66) को अपनी बेटी की मौत पर संदेह बना रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। उनकी शिकायत पर राजस्थान में केस दर्ज हुआ, जिसने पूरे मामले को एक नई दिशा दी।
पिता ने राजस्थान में दोबारा कराया शव का पोस्टमार्टम!
मृतका के पिता के लगातार प्रयास के बाद शव को कब्र से निकालकर दोबारा राजस्थान में पोस्टमार्टम कराया गया। दोबारा कराई गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नारंगी की रस्सी से गला दबाकर हत्या किए जाने की बात सामने आई। यह जान पुलिस भी हरकत में आई और फिर राजस्थान पुलिस ने जीरो प्राथमिकी दर्ज कर उसे मुंबई की साकीनाका पुलिस को ट्रांसफर किया। साकीनाका पुलिस ने स्पेशल टीम का गठन कर इसकी जांच शुरू कर दी।
6.70 लाख में दी हत्या की सुपारी!
मुंबई पुलिस के परिमंडल-10 के पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावड़े ने बताया कि 14 अक्टूबर 2024 से पहले भी आरोपी पति अपनी पत्नी को मारने की दो बार कोशिश कर चुका था। पहली बार पवई में सड़क हादसे का रूप देकर और दूसरी बार मारपीट कर जान लेने की कोशिश, लेकिन दोनों बार उसकी साजिश नाकाम रही। आखिरकार आरोपी पति ने तीसरी बार पूरी प्लानिंग के साथ हत्या करने का फैसला किया। उसने अपने दोस्त शंकर डांगी को 6.70 लाख रुपए में पत्नी की हत्या की सुपारी दी। शंकर डांगी ने आगे दो अन्य आरोपियों बाबू गायरी और दिनेश गायरी को इस काम में शामिल किया।
14 अक्टूबर 2024 को सकाराम ने बाबू और दिनेश के साथ मिलकर रस्सी से गला दबाकर नारंगी की हत्या कर दी। इसके बाद सबूत छिपाने के लिए शव को पंखे से लटका दिया गया, ताकि मामला आत्महत्या का लगे और पुलिस को गुमराह किया जा सके। पुलिस ने इसे आत्महत्या मानते हुए आकस्मिक मृत्यु (ADR) का मामला दर्ज किया। शुरुआती जांच में कोई ठोस सबूत न मिलने के कारण मामला लगभग बंद होने वाला था अगर दोबारा पोस्टमार्टम नहीं होता तो यह हत्या हमेशा के लिए आत्महत्या मान ली जाती।
पुलिस पूछताछ में पति ने कबूला गुनाह
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सकाराम और उसके परिवार से पूछताछ की। इस दौरान सकाराम तीन बार की पूछताछ में साजिश को छिपाने में कामयाब रहा, लेकिन चौथी बार कड़ाई से की गई पुलिसिया पूछताछ में वह पूरी तरह से टूट गया और पूरी साजिश कबूल कर ली। जांच में खुलासा हुआ कि सकाराम का डिंपल चौधरी नामक एक अन्य महिला से प्रेम संबंध था और वह उसके साथ रहना चाहता था। इसलिए उसने इस रास्ते की सबसे बड़ी बाधा बन रही पत्नी को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
