नेटवर्क महानगर/मुंबई
‘सृजन के रंग’ संस्था का तृतीय भव्य वार्षिकोत्सव शनिवार, (29 नवम्बर) को वाशी स्थित बालाजी बैंक्वेट हॉल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। श्रीमती जागृति सिन्हा अजय द्वारा सरस्वती वंदना की प्रस्तुतियों ने माहौल को ऊर्जावान बना दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ अमरीश सिन्हा ने मंच की गरिमा बढ़ाई। सृजन के रंग संस्था की अध्यक्ष डॉ कनक लता तिवारी ने सभी अतिथियों को शाल, श्रीफल और पुष्पगुच्छ देकर उनका नागरिक अभिनन्दन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता देश के जाने-माने वरिष्ठ साहित्यकार डॉ दयानंद तिवारी ने की।
कार्यक्रम का सूत्र संचालन प्रिंस ग्रोवर ने बड़ी कुशलता से किया। वहीं, निधि शुक्ला, मीनाक्षी शर्मा पंकज, जागृति सिन्हा अजय, लाल बहादुर यादव “कमल”, दयाराम दर्द, मनोज दूबे, प्रतिष्ठा श्याम, संजय शर्मा ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया l प्रिंस ग्रोवर और रीना धीमान स्वर्ण का सुंदर, संतुलित संचालन काबिले तारीफ रहा।
इस भव्य आयोजन में जिन कवि, कवयित्री और साहित्यिक लेखकों ने अपनी सम्मानित उपस्थिति दर्ज कराई, उनमें प्रमुख रूप से नंदलाल क्षितिज, अनिल राही, त्रिलोचन सिंह अरोरा, ओम प्रकाश तिवारी, श्रीधर मिश्र “आत्मिक”, श्रीमती अलका पांडेय, लक्ष्मी यादव, पल्लवी रानी, आकाश कुमार बागी, माता प्रसाद शर्मा, दयाराम दर्द, रीना धीमान, कविता झा, जागृति सिन्हा अजय, प्रतिष्ठा श्याम “सुकून”, वरिष्ठ साहित्यकार किशन तिवारी, विनय शर्मा “दीप”, संजय शर्मा,डॉ पूजा अलापुरिया,डॉ अंजू शर्मा,डॉ कुसुम तिवारी “झल्ली”,श्रीमती किरण मिश्रा,श्रीमती रीमा रॉय सिंह,डॉ अर्चना दुबे,सदा शिव चतुर्वेदी,डॉ मंजू गुप्ता, श्रीमती मनीषा श्रेयसी, श्रीमती निधि शुक्ला, मनोज दूबे, मीनाक्षी शर्मा “पंकज”, श्रीमती अलका शरर, डॉ सुषमा गोदियाल, जनाब ताज मोहम्मद सिद्दीकी, लता तेजेश्वर “रेणुका” और प्रिंस ग्रोवर तथा लाल बहादुर यादव “कमल” ने अपनी रचना का पाठ किया। कुछ अन्य लोग श्रोता के रूप में भी उपस्थित रहे, जिनमें श्री नरेंद्र गोदियाल और इरफ़ान भाई प्रमुख रहे।
मुख्य अतिथि डॉ अमरीश सिन्हा ने कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ दयानंद तिवारी ने अपना अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए अपनी रचना का पाठ किया। संस्था अध्यक्ष डॉ कनक लता तिवारी ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार प्रकट किया। राष्ट्रगान होने के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ।
