नेटवर्क महानगर/मुंबई
समाजवादी पार्टी महाराष्ट्र के अध्यक्ष अबू आसिम आज़मी ने कहा कि एसआईआर के नाम पर एक हौवा खड़ा कर दिया गया है। ऐसे में निष्पक्ष चुनाव होना मुश्किल है। सपा विधायक ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके लिए एसआईआर के जरिए लोगों के नाम हटाना आसान है। खासतौर पर इस देश के दलितों और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है।
सपा नेता आज़मी ने आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि इस देश पर सिर्फ इनका ही अधिकार है, किसी और नहीं। आज़मी ने चुनाव की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, एसआईआर के नाम पर एक हौवा खड़ा कर दिया गया है। मुझे लगता है कि एसआईआर (SIR) के जरिए इन्होंने इतने लोगों के नाम काटे हैं कि निष्पक्ष चुनाव होना मुश्किल है। उन्होंने आगे कहा कि जहां भी वोटों में कोई गड़बड़ी है, उसे हटाया जाना चाहिए, उसमें कोई दिक्कत नहीं है। पूरी प्रक्रिया सही तरीके से पूरी होनी चाहिए और सत्यापन के बाद ही कोई नाम जोड़ा या हटाया जाना चाहिए।
सपा नेता ने कहा कि चुनाव आयोग पूरी तरह से सरकार की कठपुतली बन गया है। राहुल गांधी ने तो यहां तक कह दिया कि जिस घर में सिर्फ दो लोग रहते हैं, वहां वोटर लिस्ट में 80 नाम हैं। ऐसी कई गड़बड़ियां उजागर हुई हैं। महाराष्ट्र में अपराजेय माने जाने वाले नेता हार गए हैं। मुद्दा यह है कि वोटर लिस्ट में गलत नाम हैं, जिससे फर्जी वोटिंग हो रही है।
बता दें कि इससे पहले नवंबर के शुरूआत में भी अबू आजमी ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि समाजवादी पार्टी बस यही कहना चाहती है कि कोई भी गलत काम न हो। पूरे देश के लोग, विदेश या दूसरी जगहों पर काम करने के लिए अपना घर-गांव छोड़कर जाते हैं। अगर आप उनके नाम जांचने जाएं और सिर्फ इसलिए कि वे काम के लिए बाहर गए हैं, उन्हें वोटर लिस्ट से हटा दें, तो यह ठीक नहीं है।
