नेटवर्क महानगर/मुंबई
मुंबई में पिछले हफ्ते से तेज हवाओं के साथ हो रही लगातार बारिश पूरे शहर को बदहाल कर दिया है। भारी बारिश और तेज हवाओं ने आम ज़िंदगी पर ख़ासा असर डाला है, जिसके चलते मुंबईकरों में चिंता बढ़ गई है। यहां अलग-अलग इलाकों में कई भयानक हादसे हुए हैं। अब तक मुंबई में अलग-अलग हादसों में 12 लोगों की मौत हो चुकी है। चेंबूर, कुर्ला नौपाड़ा और मानखुर्द इलाके बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
रविवार रात मानखुर्द के मंडाला इलाके में एक तीन मंजिला घर ढहने से दर्दनाक हादसा हो गया। इमारत का मलबा टीन के बने मकान पर गिरने से एक महिला समेत 5 मासूम बच्चों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री फडणवीस ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मानखुर्द के जनता नगर इलाके में हनुमान मंदिर के पास चॉल नंबर 5 में तीन मंज़िला मकान का एक हिस्सा गिर गया, जिससे 5 मासूम बच्चों और एक महिला समेत 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 1 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। तीन मंज़िला इमारत गिरने की घटना रविवार (5 जुलाई) रात करीब 8.30 बजे हुई। रात होने की वजह से सभी लोग घरों के अंदर थे। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग बचाव के लिए दौड़े। लेकिन मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालना आसान नहीं था। इस वजह से, पुलिस को तुरंत घटना की जानकारी दी गई।
बताया जा रहा है कि तीन मंज़िला मकान से सटे एक पतरे के मकान में रहने वाली एक महिला सुबह अपने चार बच्चों के साथ एहतियातन घर से बाहर निकल गई थी। परन्तु शाम के समय बच्चों को भूख लगने पर वह खाना बनाने के लिए दोबारा अपने घर लौट आई। इसी दौरान पड़ोस की एक बच्ची खेलते-खेलते उनके घर पहुंच गई। महिला बच्चों के लिए खाना बना ही रही थी कि अचानक पास की तीन मंजिला मकान भरभराकर उसके पतरे के घर पर गिर गई। देखते ही देखते पतरे (टीन) का मकान मलबे में तब्दील हो गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पुलिस, दमकल विभाग और बचाव दल को सूचना दी। कई घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे से सभी को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक महिला और पांचों बच्चों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
घटना की जानकारी मिलते ही नेशनल डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स (NDRF), मुंबई फ़ायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस, मनपा कर्मचारी और 108 एम्बुलेंस तुरंत मौके पर पहुंची। मौके पर मौजूद स्थानीय बीजेपी नगरसेवक नवनाथ बन ने बचाव अभियान को कोऑर्डिनेट किया। मलबे में फंसे लोगों को युद्ध स्तर पर बाहर निकाला गया और उन्हें तुरंत गोवंडी स्थित पंडित मदन मोहन मालवीय शताब्दी अस्पताल और घाटकोपर के राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
5 बच्चों समेत 6 लोगों की मौत!
अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक, शताब्दी अस्पताल लाए गए एक महिला, 3 छोटी बच्चियों और 1 छोटे बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया। साथ ही, राजावाड़ी अस्पताल लाए गए एक और छोटे बच्चे को भी मृत घोषित कर दिया गया। हादसे में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका अभी इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी हालत अभी स्थिर है।
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, कड़ी मशक्त के बाद मलबे के नीचे से आलिया (7), मुस्कान (14), निहाल (6), नाबिया (2), मुनाफ (7), सोनी (32), रेहान अली (24) नाम के सात लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें से मुस्कान, आलिया, निहाल, नाबिया, सोनी नाम के पांच लोगों को शताब्दी अस्पताल ले जाया गया, जबकि बाकी दो को राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने बताया कि इन सभी की मौत शताब्दी अस्पताल में हुई, जबकि मुनाफ की मौत राजावाड़ी अस्पताल में हुई। फिलहाल, युवक रेहान अली का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

महापौर और मंत्री ने किया मौके का मुआयना
इस भयानक हादसे की जानकारी मिलते ही एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम अलर्ट हो गया। मुंबई की महापौर रितु तावड़े और मंत्री गिरीश महाजन तुरंत गोवंडी के शताब्दी अस्पताल पहुंचे और मृतकों के परिवारों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। उनके साथ स्थानीय विधायक अबू आसिम आजमी और रुकसाना सिद्दीकी भी मौजूद थे। महापौर ने एडमिनिस्ट्रेशन को तुरंत हरसंभव मदद देने का निर्देश दिया है। राज्य के डिज़ास्टर मैनेजमेंट मिनिस्टर गिरीश महाजन ने भी मौके का मुआयना किया। उन्होंने हादसे पर गहरा दु:ख जताते हुए मीडिया को बताया कि मुंबई में ऐसी सभी खतरनाक इमारतों और अवैध स्ट्रक्चर की पूरी जांच कराई जाएगी।
मृतक के परिजनों को 5-5 लाख मुआवजे का ऐलान!
इस घटना पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दु:ख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की है।
मुंबई में रेड अलर्ट जारी, प्रशासन तैयार
मुंबई में जारी रेड अलर्ट के बीच बीएमसी और आपदा प्रबंधन विभाग ने स्थिति पर कड़ी नजर रखी हुई है। मुंबई पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें पूरी तरह से सक्रिय हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और बारिश की संभावना जताई है। बारिश और तेज हवाओं के कारण मुंबईकरों में काफी चिंता बढ़ गई है। कई इलाकों में पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित रहा। लोगों ने प्रशासन से पेड़ों की नियमित छंटाई और सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करने की मांग की है। वहीं, प्रशासन ने मुंबईकरों से आवश्यक कार्यों के बिना घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।
