Akasa Air को नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA से मिला NOC
नयी दिल्ली: भारतीय बिजनेस मैग्नेट और स्टॉक मार्केट इनवेस्टर राकेश झुनझुनवाला प्रमोटेड Akasa एयरलाइन (Akasa Air) को नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA से NO ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट मिल गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, Akasa Air के नैरो-बॉडी एयरक्राफ्ट के बोइंग फ्लीट को चुनने की सबसे ज्यादा संभावना है और उम्मीद है कि एयर ऑपरेटर परमिट विमान अधिग्रहण के बाद मिलेगा।
इससे पहले 28 जुलाई को, रिपोर्ट्स में सामने आया कि झुनझुनवाला चार साल में एक नए एयरलाइन वेंचर के लिए 70 विमान रखने की योजना बना रहे थे, जिसे उन्होंने वापस लेने का फैसला किया है। झुनझुनवाला के पास नई एयरलाइन में लगभग 40 प्रतिशत हिस्सेदारी होने की उम्मीद है और वे इस वेंचर में $35 मिलियन का निवेश करने पर विचार कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, घरेलू एयरलाइन इंडिगो के पूर्व अध्यक्ष, आदित्य घोष झुनझुनवाला और जेट एयरवेज के पूर्व CEO विनय दुबे के साथ Akasa के सह-संस्थापक होंगे।
इस नए अल्ट्रा-लो-कॉस्ट कैरियर (ULCC) के साथ घोष एविएशन इंडस्ट्री में वापसी करेंगे। 2018 में वे इंडिगो के अध्यक्ष और हॉल टाइम डायरेक्टर के पद को छोड़, इंडस्ट्री से बाहर हो गए थे। वह वर्तमान में फैब इंडिया और Oyo रूम्स में बोर्ड के सदस्य हैं।
Akasa के दूसरे प्रमुख पदों में जेट एयरवेज के पूर्व वीपी प्रवीण अय्यर COO की भूमिका निभाएंगे, जबकि GoAir के पूर्व राजस्व प्रबंधन वीपी आनंद श्रीनिवासन CTO होंगे और जेट के पूर्व फ्लाइट ऑपरेटर वीपी फ्लॉयड ग्रेशियस की भी इसी तरह की भूमिका होने की संभावना है। इंडस्ट्री की दिग्गज नीलू खत्री को कॉर्पोरेट मामलों के प्रमुख का पद मिलने की संभावना है।
झुनझुनवाला प्रमोटेड एयरलाइन कंपनी ने 70 विमानों के फ्लीट की योजना बनाई है। COVID-19 महामारी के कारण इंडस्ट्री पर गहरे प्रभाव के बीच भारत के एविएशन सेक्टर में एक नई शुरुआत होने जा रही है।
