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मुंबई में लिव-इन पार्टनर की हत्या के बाद…आरी से किए शव के टुकड़े, कुकर में उबाला…मिक्सर में पीसा, कुत्ते को खिलाया, मंजर देख पुलिस भी रह गई दंग!

मुंबई,(राजेश जायसवाल): देश के बहुचर्चित श्रद्धा वालकर हत्याकांड के बाद अब मायानगरी मुंबई को एक नए लिव-इन मर्डर केस ने दहला दिया है. यहां लिव-इन में रह रहे एक 56वर्षीय सरफिरे ने अपनी प्रेमिका की हत्या कर दी और शव को कटर (पेड़ काटने वाली मशीन) से कई टुकड़ों में काट दिया. पुलिस को मौके से महिला की लाश के 12-13 हिस्से बरामद हुए हैं. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

क्या है पूरा मामला?
मीरा रोड स्थित गीता नगर के फेज 7 के गीता आकाशदीप सोसायटी में रहने वाले 56 साल के मनोज साने ने आफताब-श्रद्धा केस से इंस्पायर्ड होकर इस हत्या को अंजाम दिया. मनोज साने पर अपनी लिव-इन पार्टनर 36 साल की सरस्वती वैद्य की हत्या का आरोप है. रोंगटे खड़े कर देने वाली इस वारदात से सोसायटी में रहने वाले लोग और पुलिस भी हैरत में पड़ गई. पुलिस ने सोसायटी की 7वीं मंजिल के फ़्लैट नंबर 704 से महिला के शव के कई टुकड़े बरामद किए. किचन में शरीर के कई पार्ट अलग-अलग हिस्से में मिले. आरोप है कि हत्या के बाद मनोज ने सरस्वती के शव के टुकड़े किए और सबूत मिटाने के लिए उन्हें प्रेशर कुकर में उबाल रहा था. पुलिस ने बुधवार रात महिला के शव बरामद कर आरोपी मनोज को गिरफ़्तार कर लिया है.

पड़ोसी ने क्या कहा?
पड़ोसियों के मुताबिक़, मनोज साने (56) और सरस्वती वैद्य (32) पिछले तीन साल से मीरा रोड स्थित गीता आकाशदीप सोसायटी के फ़्लैट नंबर 704 में रह रहे थे. बुधवार सुबह फ़्लैट से अत्यंत दुर्गंध आने लगी और हर कोई बेचैन होने लगा था. लेकिन फ़्लैट के खुलने तक शाम हो चुकी थी, फिर पुलिस को इसकी सूचना दी गई.
वहीं, पड़ोसियों का कहना है कि एक फ्लोर पर चार फ्लैट हैं. बाकी लोगों के घर पर हम लोग अक्सर आते-जाते रहते हैं, लेकिन यह लोग हमेशा दरवाजा बंद रखते थे. ये लोग सिर्फ आने-जाने के लिए ही दरवाजा खोलते थे. दोनों की बिल्डिंग के बाकी लोगों से कम बातचीत होती थी, इसलिए उनके बारे में लोगों को कोई ज़्यादा जानकारी नहीं थी.
साने के सामने फ़्लैट नंबर 701 में रहने वाले एक पड़ोसी ने बताया कि पहले हम सोचते थे कि वे शादीशुदा हैं…क्योंकि हमें उनके रिश्ते के बारे में पता नहीं था. हम लोग उनसे बहुत कम बात करते थे. बुधवार सुबह जब ज्यादा दुर्गंध आनी शुरू हुई तो हमने सोचा कि कोई चूहा मरा होगा. जब आसपास देखा तो सबके घर खुले थे, सिर्फ यही फ़्लैट अंदर से बंद था. तभी मेरे बेटे ने दरवाजा खटखटाया और उसने मनोज से कहा आपके कमरे से काफी दुर्गंध आ रही है, एक बार देख लेते हैं कहीं चूहा तो नहीं मरा है. इस पर वह बोला- मैं अभी निकल रहा हूँ…मुझे बहुत अर्जेंट है, शाम को आने पर देखते हैं, सब कुछ ठीक कर देंगे. फिर उसने तुरंत रूम फ्रेशनर स्प्रे किया और दरवाजा लॉक करके चला गया. परन्तु देर शाम मनोज के आने से पहले पुलिस आ गई और फिर सारा हकीकत सामने आ गया.

वहीँ, लिव-इन पार्टनर की हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि पिछले सात साल से दोनों लिव-इन में रह रहे थे. सरस्वती के आगे-पीछे कोई नहीं था यानी वह एक अनाथ लड़की थी. उसको चाहिए थी रिश्ते की एक ऐसी डोर जो उसे समझ सके और उसे प्यार दे सके. सरस्वती और मनोज के बीच रिश्ते की शुरुआत बोरीवली स्थित एक राशन की दुकान से हुई. रिश्ता परवान चढ़ा और फिर 2 साल के अंदर ही दोनों साथ-साथ रहने लगे. लिव-इन की इस कहानी का आगाज जितना रुमानी था, अंजाम उतना ही खौफनाक भी. सरस्वती का हत्यारा आरोपी मनोज अब मुंबई पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन इस घटना ने बड़े शहरों में लिव-इन रिश्तों का खूनी सच एक बार फिर सामने ला दिया है.
आरोपी मनोज साने से पूछताछ में पता चला है कि दोनों की मुलाकात साल 2014 में बोरीवली की एक राशन की दुकान पर हुई थी. मनोज राशन की दुकान में काम करता था. यहीं पर दोनों पहली बार मिले. मेल-मुलाकातों का सिलसिला आगे बढ़ गया. दो साल बीतते-बीतते दोनों को एक-दूसरे से दूर रहना सहन नहीं हो रहा था, तभी दोनों लिव-इन में साथ रहने लगे. मनोज और सरस्वती बीते 3 सालों से मीरा रोड की गीता आकाशदीप सोसाइटी में रह रहे थे.

बर्तन-बाल्टी में मिले महिला के शरीर के टुकड़े!
पुलिस उपायुक्त (DCP) जयंत बजबले ने बताया कि मुंबई पुलिस को 7 बजे के आसपास फ्लैट से बदबू आने की शिकायत मिली थी. जब पुलिस कमरे का दरवाजा तोड़कर घर में घुसी तो अंदर का सीन देखकर दंग रह गई! कमरे के अंदर फर्श पर पेड़ काटने वाली आरी पड़ी हुई थी. बिस्तर पर काले रंग की प्लास्टिक शीट बिछी थी. फर्श पर फैला हुआ खून और महिला के बाल पड़े थे. कमरे से इतनी दुर्गंध आ रही थी कि वहां खड़ा होना संभव नहीं था.
किचन प्लेटफार्म पर कुकर में उबले हुए मांस के टुकड़े, बगल में 3 बाल्टियों में भरकर हड्डियों के टुकड़े रखे मिले. बताया जा रहा है कि आरोपी मिक्सर ग्राइंडर में उबले हुए मांस को पीसकर पानी के रस्ते बहा दिया करता था. कमरे में एयर फ्रेशनर की कई बोतलें रखी हुई थीं. फिलहाल, पुलिस ने शरीर के टुकड़ों को मुंबई के जेजे अस्पताल में जांच के लिए भेजा है.
इस हत्याकांड में मीरा रोड की नया नगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 और 201 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया. आज आरोपी को पुलिस ने अदालत में पेश किया जहां उसे 16 जून तक पुलिस कस्टडी मिली है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी ने शरीर के अंगों को नाले में बहाया था? कपल के फ्लैट के दरवाजे पर नेम प्लेट नहीं था और यह सोनम बिल्डर्स के नाम से रजिस्टर्ड है. पुलिस को संदेह है कि हत्या 4 जून को हुई होगी.

उसने जहर खाकर दे दी थी जान…पुलिस के सामने मनोज ने गढ़ी नई कहानी!
मीरा रोड से दिल दहला देने वाला हत्याकांड में एक नया ऐंगल सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक, आरोपी मनोज साने ने पुलिस को बताया है कि उसे प्रेमिका के चरित्र पर शक कर था. इसके चलते वह सरस्वती की पिटाई करता था. पिटाई से तंग आकर सरस्वती ने जहर पी लिया था. मनोज ने दावा किया कि उसकी लिव-इन-पार्टनर सरस्वती वैद्य ने 4 जून को जहर पी कर जान दे दी थी.
मनोज ने पुलिस पूछताछ में बताया कि जब वह उस दिन घर पहुंचा तो देखा कि सरस्वती बेड पर पड़ी है और उसके मुंह से जहर खाने के चलते झाग निकल रहा था. उसने बताया कि उसे डर लगा कि कहीं सरस्वती को आमहत्या के लिए उकसाने का इल्जाम उसके ऊपर न आ जाए इसलिए उसने लाश के टुकड़े कर दिए और फिर उन्हें ठिकाने लगाने लगा.

पुलिस कर रही पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मनोज ने कहा कि उसे लगता था कि सरस्वती अनाथ है और उसका कोई नहीं है. इसलिए उसके बारे में कोई नहीं पूछेगा और वह बच जाएगा. जांच अधिकारी सय्यद जिलानी से जब इस पूछा गया तो उन्होंने मामले में ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया. पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि जहर पीने से मौत हुई या फिर गाला रेतने से या फिर जहर पिलाकर गला रेता गया?

‘श्रद्धा’ और ‘सरस्वती’ हत्याकांड में काफी समानताएं
गौरतलब है कि इस घटना और पिछले साल देश को स्तब्ध कर देने वाले दिल्ली की श्रद्धा वालकर हत्याकांड में काफी समानताएं हैं. श्रद्धा, एक 27 वर्षीय कॉल सेंटर कर्मचारी थी, जिसे उसके लिव-इन पार्टनर आफताब पूनावाला ने गला घोंट दिया था, और उसके शरीर को 35 टुकड़ों में काटकर फ्रिज में स्टोर कर दिया था. वह 18 दिनों तक जंगल में उन टुकड़ों को फेंकता रहा. उसने श्रद्धा की पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे को जला दिया था. इस हत्याकांड का खुलासा वारदात के 6 महीने बाद हुआ था, जब श्रद्धा वालकर के पिता ने महीनों तक उससे संपर्क करने में विफल रहने के बाद गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. आफताब पूनावाला को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था.