मुंबई में वैक्सीन की भारी कमी के चलते वैक्सीनेशन पर लगा ब्रेक, शहर के 342 केंद्रों पर आज नहीं हुआ टीकाकरण
मुंबई: बृहन्मुम्बई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बताया कि कोविड-19 टीकों की पूरी संख्या उपलब्ध नहीं होने के कारण गुरुवार को नगर निकाय और महाराष्ट्र सरकार के केंद्रों पर टीकारकण नहीं होगा. शहर में कोविड-19 टीकाकरण के कुल 342 केंद्र हैं जिनमें 243 का प्रबंधन बीएमसी और 20का प्रबंधन महाराष्ट्र सरकार के हाथों में है.
नगर निकाय की तरफ से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पर्याप्त संख्या में टीकों की खुराक उपलब्ध नहीं होने के कारण गुरुवार को टीकाकरण बंद रखने का निर्णय लिया गया है. मुंबई में एक जून तक 33,24,428 कोविड-19 टीके की खुराक दी गयी है. बीएमसी ने कहा कि उसे तीन जून को कभी भी टीके मिल जाने की उम्मीद है जिसके बाद टीकाकरण अगले दिन बहाल कर दिया जाएगा.
गर्भवती महिलाओं को भी लगेगी वैक्सीन
मुंबई देश का पहला ऐसा शहर है जिसने गर्भवती महिलाओं के लिए वैक्सीनेशन का ऐलान किया है. बस गर्भवती महिलाओं के लिए यह जरूरी है कि वे एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करे और अपने गायनाकॉलोजिस्ट से इस बात का प्रमाण पत्र लेकर आए कि वे वैक्सीनेशन के लिए पूरी तरह से फिट हैं.
मुंबई में अब तक 1032 स्तनपान करवाने वाली महिलाओं ने वैक्सीन ली है. लेकिन एक भी गर्भवती महिला अब तक वैक्सीन लेने के लिए सामने नहीं आई है. गर्भवती महिलाओं द्वारा वैक्सीनेशन के लिए आगे नहीं आने के पीछे तीन वजहें बताई जा रही हैं. एक, गर्भवती महिलाओं में जागरूकता का अभाव होने से उनके मन में कई आशंकाएं हैं कि वैक्सीन लेने के बाद उनका कोई संभावित साइड इफेक्ट उनके होने वाले बच्चे पर पड़ेगा. दूसरा, वैक्सीनेशन सेंटर्स अपने कामों का बोझ बढ़ाना नहीं चाहते और तीसरा, डॉक्टर अपनी जिम्मेदारियों से बच रहे हैं.
दरअसल, कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि ‘नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फॉर कोविड 19’ ने अब तक गर्भवती महिलाओं की इम्युनाइजेशन के लिए कोई राष्ट्रीय दिशानिर्देश स्पष्ट नहीं किया है जबकि, बीएमसी आयुक्त इक़बाल सिंह चहलआयुक्त ने इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण को पत्र भी लिखा है. जब तक ऐसा नहीं होगा तब तक शंकाओं का समाधान नहीं होगा और गर्भवती महिलाएं वैक्सीन के लिए आगे नहीं आएंगी.
FOGSI ने बताए गर्भवती महिलाओं को वैक्सीनेशन के फायदे
जहां तक बात प्रसूती से जुड़े मामलों पर काम करने वाली संस्था ‘द फेडरेशन ऑफ ऑब्सटेट्रिक और गायनेकॉलोजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया’ (FOGSI) ने गर्भवती महिलाओं के लिए वैक्सीनेशन से जुड़ी आशंकाओं को गलत बताया है, बल्कि गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन दिए जाने के दोहरे फायदे गिनाए हैं. फेडरेशन का कहना है कि किसी गर्भवती महिला द्वारा वैक्सीन लेने से जच्चा और बच्चा दोनों को कोरोना से सुरक्षा मिलती है.
