Uddhav Thackeray Press Conference
नेटवर्क महानगर/मुंबई
महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार, (28 नवम्बर) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महायुति गठबंधन पर जमकर निशाना साधा। मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में चुनाव का माहौल है। चुनाव जीतने के लिए पैसे की अतिवृष्टि की जा रही है। प्रदूषण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मुंबई की आबो-हवा खराब हुई है। हवा प्रदूषित हुई है। स्वास्थ के लिए हवा ठीक नहीं है। संजय गांधी नेशनल पार्क को नष्ट करने का प्लान राज्य सरकार कर रही है। नासिक में तपोवन को खत्म किया जा रहा है। तपोवन में कुंभ के लिए साधुग्राम बनाने का सरकार का प्लान है, जिसके लिए पेड़ काटे जा रहे हैं। जिस जगह पर भगवान राम रहे थे, उस जगह को बर्बाद किया जा रहा है। हिंदुत्व के नाम पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
ठाकरे ने कहा कि वह अजीत पवार को उपमुख्यमंत्री नहीं मानते, क्योंकि वह कोई संवैधानिक पद नहीं है। वह वित्त मंत्री हैं और वह कह रहे हैं कि उनके पास तिजोरी है। वहीं, चंद्रकांत पाटील कहते हैं कि तिजोरी का मालिक तो उनके पास है। एक दाढ़ी वाला है वह अपनी दाढ़ी खुजाता रहता है, उसके हाथ में क्या है उसे ही नहीं पता है। पैसे की इतनी मस्ती आज तक महाराष्ट्र ने कभी देखी नहीं थी। लोगों की व्यथा समझने के लिए इनके पास समय नहीं है। चुनाव प्रचार के लिए हेलीकॉप्टर से घूम रहे हैं। जिन लोगों ने वोट दिया वह दुखी है, व्यथित हैं, उनका हाल जानने के लिए उनके पास यह क्यों नहीं जा रहे हैं? मैं खुद जाकर आया। मैं जाकर किसानों के बीच बैठकर उनकी दु:ख और पीड़ा सुनकर आया। इनमें से किसी की हिम्मत क्यों नहीं होती उनके बीच में जाकर बैठे और उनकी पीड़ा सुने? महायुति के लोग एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन कारवाई कौन करेगा इनके ऊपर? आरोप भी वही लगाते हैं और जजमेंट भी वह खुद ही दे लेते हैं।
BJP में हिम्मत है तो मेरे सांसदों को बाहर निकालकर दिखाएं: उद्धव
भारतीय जनता पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने कहा कि 2 दिसंबर तक युति रहेगी। उनके इस बयान पर तंज कसते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह बीजेपी की यूज एंड थ्रो पॉलिसी दिखाता है। इस बार कितनी दूर थ्रो करेंगे पता नहीं। उन्होंने कहा कि बीजेपी का हिंदुत्व झूठ है और उनकी देशभक्ति भी झूठी है। तपोवन का जिक्र तो मैंने किया ही लेकिन पार्लियामेंट की जो अधिसूचना आयी है जिसमें आप संसद के अंदर ‘वंदे मातरम’ नहीं कह सकते, यह कैसी बात है? किसका दिमाग है इसके पीछे? एक समय भाजपा के लोग ही चिल्ला चिल्ला के कहते थे कि इस देश में रहना होगा तो ‘वंदे मातरम’ कहना होगा। मेरे सांसद तो संसद में जाकर ‘वंदे मातरम’ कहेंगे अगर बीजेपी में हिम्मत है तो मेरे सांसदों को बाहर निकालकर दिखाएं। नहीं तो जिसने भी यह अधिसूचना जारी की है उसे ढूंढकर निकालो और भाजपा जैसी रहती है वैसे ही उनको पाकिस्तान भेज दो। बीजेपी का दोहरा चरित्र इससे दिखता है यह लोग ढोंगी है। ये ना ही हिंदू हैं और ना ही देश प्रेमी हैं।
नासिक के तपोवन पर जताई आपत्ति
नासिक के तपोवन पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि इसके पहले हमने दूसरे मामले को लेकर ग्रीन ट्रिब्यूनल में कई शिकायतें की हैं, लेकिन इन पर कोई असर नहीं पड़ता। आरे कारशेड का मामला ले लीजिए हमने कितनी शिकायत की हैं। इन पर कोई फर्क नहीं पड़ता। कल ही तपोवन का कॉन्ट्रैक्ट निकला है। एक जो कहावत है ‘मुंह में राम, बगल में छुरी, उसको बदलकर मुंह में राम, बगल में अडानी करना पड़ेगा।
क्यों उठी 2 दिसंबर की बात?
दरअसल, महाराष्ट्र में नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनाव 2 दिसंबर को है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि महायुति 2 दिसंबर तक ही संभल पाएगी।इसके बाद गठबंधन के सहयोगी दल अलग-अलग होते दिख रहे हैं। हाल ही में बीजेपी के महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कहा था कि उन्हें महायुति को केवल 2 दिसंबर तक बचाने की जिम्मेदारी मिली है।
