महाराष्ट्र: समाजसेवी बाबा आमटे की पोती ने की आत्महत्या
चंद्रपुर: प्रसिद्ध समाजसेवी बाबा आमटे की पोती और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता डॉ शीतल आमटे-करजगी ने सोमवार को आत्महत्या कर ली। शीतल आमटे महारोगी सेवा समिति (कुष्ठ सेवा समिति), वरोरा की सीईओ थीं। बताया जा रहा है कि उन्होंने आनंदवन के अपने निवास पर जहरीला इंजेक्शन लगाकर खुदकुशी कर ली। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वह कुछ दिनों से तनावग्रस्त थीं। कुछ दिनों पहले उन्होंने आनंदवन के कुष्ठ सेवा समिति में चल रहे कामकाज, ट्रस्टी और कार्यकर्ताओं पर एक फेसबुक लाइव के जरिए गंभीर आरोप लगाए थे।
हालांकि दो घंटे बाद ही वह फेसबुक लाइव डिलीट कर दिया गया। इस फेसबुक लाइव के बाद काफी बहस हुई और बाद में आमटे परिवार की ओर से एक बयान जारी करके इन आरोपों से इनकार किया गया। सोमवार की सुबह उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से ‘वॉर ऐंड पीस’ नाम की एक पोस्ट की थी। शीतल आमटे को जनवरी, 2016 में विश्व आर्थिक मंच द्वारा ‘यंग ग्लोबल लीडर 2016’ के रूप में चुना गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, शीतल ने जहरीले इंजेक्शन का इस्तेमाल करके अपनी जान दे दी। बता दें कि शीतल आमटे को जनवरी 2016 को विश्व आर्थिक मंच द्वारा यंग ग्लोबल लीडर के तौर पर चुना गया था।
सुसाइड से पहले डॉ शीतल ने सोशल मीडिया में एक पेंटिंग शेयर की है। इसमें उन्होंने लिखा है कि वॉर एंड पीस। बता दें कि 72 साल से चंद्रपुर जिले के वरोरा तहसील के आनंदवन में बाबा आमटे का परिवार कुष्ठ रोगियों की सेवा कर रहा है। कुछ दिन पहले बाबा आमटे की पोती ने आनंदवन के अंदर आर्थिक घोटालों को लेकर फेसबुक पर एक लाइव डिस्कशन किया था। इस दौरान काफी विवाद भी पैदा हो गया था। इसके बाद डॉक्टर शीतल ने फेसबुक से ये वीडियो पोस्ट डिलीट कर दिया था। वहीं पूरे आमटे परिवार ने शीतल के इस कार्य का सार्वजनिक रूप से विरोध किया था और उन्हें गलतफहमी का शिकार बताया था।

