Raj Thackeray News
अब मुझे राम मंदिर के लिए वैसी ही एक ईंट चाहिए: राज ठाकरे
मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता बाला नंदगांवकर अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद वहां से एक ईंट लेकर आए थे, जो उन्होंने आज यानी मंगलवार को मनसे प्रमुख राज ठाकरे को उपहार स्वरुप भेंट की।
इस उपहार को स्वीकार करने के बाद राज ठाकरे ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद के गुंबद को ध्वस्त किया गया था। इसके लिए देशभर से लाखों कारसेवक अयोध्या पहुंचे थे। महाराष्ट्र से बाला नंदगांवकर उन शिवसैनिकों में से थे जो वहां गए थे। छत गिरने के बाद जो ईंटें वहां थीं, उनमें से बाला नंदगांवकर दो ईंटें ले आए थे। एक ईंट उनके पास घर पर है, आज उन्होंने दूसरी ईंट हमें उपहार में दे दी है।
मनसे प्रमुख ने आगे कहा कि ईंटों के वजन को देखकर लग रहा था कि उस समय निर्माण बहुत अच्छी गुणवत्ता का था, उन्होंने पत्रकारों से पूछा कि यह निर्माण इतना अच्छा क्यों हैं? पत्रकारों को भी वह क्यों पसंद आया? इस पर राज ठाकरे ने खुद हँसते हुए सिर्फ इतना कहा- ”क्योंकि उस समय निर्माण के लिए टेंडर जारी नहीं किए गए थे।” उनके इस जवाब पर पत्रकार भी हंस पड़े।
राज ठाकरे ने कहा, अगर बालासाहेब होते तो उन्हें यह ईंट पाकर अत्यंत खुशी होती। यह ईंट बाबरी विध्वंस का सबूत है। अब मुझे राम मंदिर के लिए वैसी ही ईंट चाहिए। राज ठाकरे ने कहा- मंदिर का निर्माण अभी भी चल रहा है, मुझे जल्द ही इसके लिए एक ईंट मिल जाएगी।
बाला नंदगांवकर ने क्या कहा?
उस घटना को याद करते हुए मनसे नेता (उस समय शिवसैनिक) बाला नंदगांवकर ने कहा कि उस वक्त वहां सिर्फ ‘जय श्री राम’ के नारे ही सुनाई दे रहे थे। 32 साल हो गये। मुझे नहीं पता कि उस समय क्या सुझाव दिया गया था, लेकिन मैं एक ईंट लेकर आया था। जब मैंने मझगांव में कार्यालय बनाया तो कार्यालय में ईंट रखी गयी। अब वह पद यशवंत जाधव के पास है।
